वैक्सीनेशन पॉलिसी पर SC में बोली मोदी सरकार- 'हमारे ऊपर भरोसा कीजिए, कोर्ट के हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं'
वैक्सीनेशन पॉलिसी पर SC में बोली मोदी सरकार- 'हमारे ऊपर भरोसा कीजिए, कोर्ट के हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं'
नई दिल्ली, 10 मई: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने रविवार (09 मई) को सुप्रीम कोर्ट में वैक्सीनेशन पॉलिसी को लेकर हलफनामा दायर कर जवाब दिया है। इस हलफनामे में केंद्र सरकार ने वैक्सीन पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट को कहा कि आप हमारे ऊपर विश्वास कीजिए, इस मामले में कोर्ट के दखल की कोई जरूरत नहीं है। हमने देश में टीकाकरण अभियान के लिए बहुत ज्यादा सोच-समझकर वैक्सीनेशन पॉलिसी बनाई है। वैक्सीनेशन नीति का बचाव करते हुए केंद्र ने कहा कि इन मामलों में कोर्ट के हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है। केंद्र ने कहा कि महामारी अपने चरम पर है, ऐसे में सभी को एक-साथ वैक्सीनेट नहीं किया जा सकता है, हमारे पास वैक्सीन की सीमित उपलब्धता है। लेकिन फिर भी हमारी नीति है कि देश के सभी नागरिकों को वैक्सीन समान रूप से मिले। सबको समान रूप से वैक्सीनेट कैसे किया जाए, इसकी कीमत क्या होगी...इन सब बातों पर गहन चिंतन-विचार के बाद ही हमने ये वैक्सीनेशन पॉलिसी बनाई है। यह नीति न्यायसंगत है, हमने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है और नाही करेंगे।
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केंद्र ने कहा, वैक्सीन पॉलिसी में माननीय कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है, वो भी उस वक्त जब हम महामारी से जूझ रहे हैं। 50 प्रतिशत वैक्सीन की खरीद खुद करने की नीति के बारे में हमने सोच-समझकर फैसला लिया है।
30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा था कि वह अपने वैक्सीन नीति के बारे में दोबारा विचार करें। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि केंद्र सरकार वैक्सीन की 100 प्रतिशत डोज खुद क्यों नहीं खरीद रही है।
केंद्र ने हलफनामे में कहा कि 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए राज्यों और प्राइवेट अस्पतालों द्वारा वैक्सीन खरीदना सही। 45 से अधिक के लोगों के लिए हम पहले की ही तरह आपूर्ति कर रहे हैं। केंद्र ने कहा कि वैक्सीन निर्माता कंपनियों को हमने वैक्सीन बनाने में कोई आर्थिक मदद नहीं की है। वैक्सीन में काफी ज्यादा पैसा लगाकर उन्होंने एक तरह का रिस्क लिया है, ऐसे में वैक्सीन अगर राज्य सरकार और प्राइवेट संस्थान खरीदेगी तो वैक्सीन निर्माता कंपनियों को ज्यादा प्रोड्क्शन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्र ने कहा, सभी राज्यों ने अपने नागरिकों को फ्री में वैक्सीन देने की घोषणा की है। इसलिए अगर केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वैक्सीन खरीद कर राज्यों को न देने से आम जनता को कोई नुकसान नहीं होगा।












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