दोषी सांसदों और विधायकों के बचाव में आगे आई मोदी सरकार
दोषी सांसद और विधायकों के बचाव में केंद्र सरकार, दोषियों को अपील करने तक बने रहने दें पद पर, कई विधायकों ने नहीं दिया है इस्तीफा, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था जवाब
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक मामलों में सांसदों व विधायकों को दोषी करार दिए जाने के मामले में बड़ा बयान दिया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि जिन सांसदों और विधायकों को आपराधिक मामलों में दोषी करार दिया जाता है, उन्हें अपने आप अयोग्य करार दिए जाने से पहले एक मौका मिलना चाहिए। केंद्र सरकार का कहना है कि दोषी सांसदों और विधायको को कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने का मौका मिलना चाहिए ताकि वह अपने पद पर बने रहें, उन्हें अपने आप अयोग्य नहीं करार दिया जाना चाहिए।

कई विधायकों ने पद से हटने से इनकार किया
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में लिलि थॉमस क दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें अपने अयोग्य करार दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद कुछ अन्य सांसदो व विधायकों को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। इससे पहले इसका प्रावधान था कि विधायक और सांसद दोषी ठहराए जाने के बाद अपील कर सकते हैं औरर जबतक मामले की सुनवाई चल रही है वह अपने पद पर बने रह सकते हैं। कुछ ऐसे सांसद और विधायक भी हैं जिन्होंने दोषी ठहराए जाने के बाद भी अपने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था।
एनजीओ ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
इस मुद्दे पर एनजीओ लोक प्रहरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तमाम आरोपों प रजवाब देने का कहा था। जिसके जवाब में सरकार ने कहा कि निर्वाचित सांसद और विधायकों को दोषी करार दिए जाने के बाद इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। सरकार ने कोर्ट को यह सुझाव दिया है कि दोषी विधायक व सांसदों को अपील करने के व इसपर फैसला आ जाने तक पद पर बने रहने देने की अनुमति देनी चाहिए।
इसे भी पढ़ें- राजनाथ सिंह ने कहा- भारत में रहने वाले Rohingya शरणार्थी नहीं, किसी ने कानून का पालन नहीं किया
पहले से ही कानून मौजूद
कानून मंत्रालय ने जो हलफनामा कोर्ट में दायर किया है उसमे कहा गया है कि अपराधियों के चुनावी मैदान में जो नहीं उतरने देने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को बनाए रखने के पर्याप्त उपाय पहले से ही मौजूद हैं। लेकिन एनजीओ लोक प्रहरी के वकील एसएन शुक्ला ने कोर्ट में कहा कि यूपी, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में कई विधायक दोषी करार दिए जाने के बाद भी अपने पद पर बने हुए हैं।












Click it and Unblock the Notifications