लापता कर्मचारियों के लिए केंद्र का बड़ा ऐलान, पेंशन नियमों में दी ढील
नई दिल्ली, 23 मई: केंद्र सरकार ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में लापता होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के परिवार को मिलने वाली फैमिली पेंशन को लेकर बड़ा ऐलान किया है। केंद्र की मोदी सरकार ने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, नार्थ ईस्ट के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवारत सरकारी कर्मचारियों के लिए पारिवारिक पेंशन में बड़ी राहत में देते हुए नियमों में ढील दी है।

दरअसल, पहले के नियमों पर गौर करें तो कोई केंद्र सरकार के कर्मी हिंसा प्रभावित इलाकों में तैनाती के दौरान लापता या गुमशुदा हो जाते थे तो उनके आश्रित परिवार को जब तक पेंशन नहीं मिलती थी, तब तक कि उनको कर्मचारी कानून के मुताबिक मृत घोषित नहीं कर दिया जाता था। या उनको पेंशन मिलना शुरू तब शुरू होती थी जब घटना के सात साल ना पूरे हो।
लेकिन अब सरकार की तरफ दिए गए नए नियम में राहत के अनुसार जम्मू कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्य और नक्सली प्रभावित एरिया में अगर कोई कर्मचारी जो नेशनल पेंशन स्कीम के तहत आता है और वो ड्यूटी के दौरान लापता होता है तो फैमिली को तुरंत पेंशन के फायदे मिलेंगे।
सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक मंत्रालय के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसकी घोषणा करते हुए ऐसे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। वहीं अगर लापता कर्मचारी वापस लौटता है तो उसकी परिवारिक पेंशन जो उसे इस दौरान दी गई है, उसे वेतन से काट लिया जाएगा। पेंशन विभाग के नए नियम के मुताबिक अब खास तौर से उन क्षेत्रों में बड़ी राहत मिलेगी जहां सरकारी कर्मचारियों के लापता होने की घटनाएं ज्यादा बढ़ गई है। क्योंकि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे कर्मचारियों के अपहरण के कई मामले सामने आए हैं।












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