कोविड से अनाथ हुए बच्चों को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, वजीफे को बढ़ाकर कर सकती है 4000
नई दिल्ली, सितंबर 14: कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कई परिवार उड़ज गए हैं। कई ऐसे परिवार हैं जिसमें बच्चे अनाथ हो गए हैं। केंद्र सरकार ऐसे अनाथ बच्चों को हर महीने वजीफे के तौर पर अभी 2000 रुपए हर महीने दे रही थी। केंद्र सरकार ने अब इसे बढ़ाने जा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस मासिक वजीफा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है और इसे जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में पेश किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि केंद्र कोविड अनाथ बच्चों को दिए जाने वाले मासिक वजीफे को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये करने पर विचार कर रहा है। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत, भारत सरकार ऐसे सभी बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करेगी, और 23 साल की उम्र में उनके खाते में 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि जमा की जाएगी। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को कोविड अनाथ बच्चों के 3250 अनुरोध प्राप्त हुए, जिनमें से 380 अनुरोधों को स्थानीय प्रशासन ने खारिज कर दिया है। हालांकि, अब तक 667 ऐसे अनुरोध स्वीकार किए जा चुके हैं।
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बच्चों के लिए पीएम केयर्स योजना की शुरुआत 29 मई 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई थी। यह योजना विशेष तौर पर उन बच्चों को सहायता उपलब्ध कराती है, जिन्होंने 11 मार्च 2020 के बाद से शुरू होने वाली अवधि के दौरान अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक अथवा दत्तक माता-पिता या फिर जीवित माता-पिता दोनों को कोविड-19 महामारी से खो दिया है।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों की व्यापक देखभाल करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से उनकी सेहत का ख्याल रखना, उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और उनकी 23 वर्ष की आयु पूरी होने तक वित्तीय सहायता के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना है। केंद्रीय स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इसका नोडल मंत्रालय है। राज्य में किशोर न्याय से संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किये गए विभाग राज्य स्तर पर इसके लिए नोडल एजेंसी का कार्य करेंगे। योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट नोडल अधिकारी होंगे।
इस योजना से संबंधित सभी जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल https://pmcaresforchildren.in पर देखी जा सकती हैं। 15 जुलाई 2021 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह पोर्टल उपलब्ध करा दिया गया है तथा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पोर्टल पर पात्र बच्चों की पहचान करने एवं उन्हें पंजीकृत करने के लिए कहा गया है। कोई भी आम नागरिक इस पोर्टल के माध्यम से इस योजना के तहत सहायता पाने के लिए पात्र बच्चे के संबंध में प्रशासन को सूचित कर सकता है।












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