कोरोना से मौतों पर 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार और झूठी : सरकार
नई दिल्ली, मई 27: कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते हाल के महीनों में हुई मौतों के लेकर अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक स्टोरी छापी थी, जिसमें उनसे सरकार की ओर से जारी किए मौत के आंकड़ों के कही अधिक लोगों की मौत की बात कही थी। अब केंद्र सरकार की ओर से न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया गया है। केंद्र ने भारत में करोना से हुई मौतों का अनुमान लगाने वाली न्यूयॉर्क टाइम्स की हालिया खबर को पूरी तरह से आधारहीन और झूठी बताया है। उसने कहा कि अमेरिकी अखबार ने अपनी खबर में साक्ष्य नहीं दिए हैं और खबर विकृत अनुमानों के आधार पर है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर में भारत में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या को लेकर दी गई जानकारी आधारहीन और झूठी है, उसके दावे सबूतों पर नहीं बल्कि विकृत आकलन पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की पूरी रिपोर्ट आधारहीन और झूठी है। हम नहीं जानते कि किसी आधार पर अनुमान लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे पास मजबूत व्यवस्था है, जिसका राज्य अनुसरण कर रहे हैं और रिपोर्ट दे रहे हैं।
वहीं नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट अनुमानों पर आधारित है। हमारे पास एक मजबूत मृत्यु दर ट्रैकिंग प्रणाली है। यही नहीं हमारी नमूना पंजीकरण प्रणाली भी डेटा ट्रैकिंग, विश्लेषण और समायोजन की तस्दीक करती है। अमेरिकी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या सरकारी आंकड़ों की तुलना में दोगुना और सबसे खराब स्थिति में 14 गुना तक हो सकती है।
इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से हुई मौतों पर सरकार झूठ बोल रही है। राहुल ने अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया कि आंकड़े झूठ नहीं बोलते... भारत सरकार बोलती है। राहुल गांधी के ट्वीट पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने पलटवार करते हुए कहा था, ''लाशों पर राजनीति, कांग्रेस स्टाइल! पेड़ों पर से गिद्ध भले ही लुप्त हो रहे हों, लेकिन लगता है उनकी ऊर्जा धरती के गिद्धों में समाहित हो रही है। राहुल गांधी जी को दिल्ली से अधिक न्यूयॉर्क पर भरोसा है। लाशों पर राजनीति करना कोई धरती के गिद्धों से सीखे।












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