सरकार का टेलीकॉम कंपनियों को आदेश, 2 सालों तक संभाल कर रखें कस्टमर्स के कॉल डिटेल
नई दिल्ली, 24 दिसंबर: दूरसंचार विभाग ने एकीकृत लाइसेंस समझौते में संशोधन किया है। दूरसंचार विभाग ने अपने एकीकृत लाइसेंस समझौते में संशोधन करते हुए टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया गया है कि यूजर्स के कॉल डाटा रिकॉर्ड दो साल तक सेव करके रखा जाए। सूत्रों ने कहा कि अतिरिक्त समय कई सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोधों पर आधारित था। अभी तक कॉल रिकॉर्ड डाटा को 18 महीने के लिए सेव रखने का नियम था।
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21 दिसंबर को एक अधिसूचना के माध्यम से दूरसंचार विभाग ने कहा है कि सभी कॉल विवरण रिकॉर्ड, एक्सचेंज विवरण रिकॉर्ड और नेटवर्क कम्युनिकेशन आईपी का रिकॉर्ड दो साल के लिए सेव करके रखा जाए।अधिसूचना में कहा गया है कि इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को दो साल की अवधि के लिए सामान्य आईपी विवरण रिकॉर्ड के अलावा "इंटरनेट टेलीफोनी" का विवरण भी रखना होगा।
इस संशोधन के बाद टेलीकॉम कंपनियों को अपने कस्टमर्स के इंटरनेट डाटा रिकॉर्ड जिसमें लॉगिन लॉगआउट डिटेल शामिल है सभी संभाल कर रखना होगा। टेलीकॉम कंपनियों को अपने इंटरनेट सब्सक्राइबर का इंटरनेट एक्सेस डिटेल के अलावा, ईमेल, इंटरनेट टेलीफॉनी जैसे मोबाइल फोन से किये गए वाई फाई कॉलिग का डिटेल्स भी दो सालों तक रिकॉर्ड में रखना होगा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यह एक प्रक्रियात्मक आदेश है।
कई सुरक्षा एजेंसियों ने हमें बताया कि उन्हें एक साल बाद भी डाटा की जरूरत पड़ती है, क्योंकि अधिकतर मामलों में जांच लंबे समय तक चलती है। इस आदेश के लिए हमने सभी सेवा प्रदाताओं के साथ एक बैठक की।एक टेलीकॉम कंपनी के अधिकारी ने कहा कि जब भी इस तरह के डाटा को खत्म किया जाता है तो उससे पहले उस डाटा से संबंधित ऑफिस और ऑफिसर दोनों को इसकी जानकारी दी जाती है। जानकारी देने के अगले 45 दिनों के बाद डाटा डिलीट कर दिया जाता है।












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