केंद्र की राज्यों को सलाह-ऑक्सीजन का तर्कसंगत करें उपयोग, ना हो बर्बादी
नई दिल्ली, अप्रैल 15: देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिल रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यों से कहा कि वे मेडिकल ऑक्सीजन का तर्कसंगत उपयोग करें और यह सुनिश्चित करें कि देश में ऑक्सीजन का पर्याप्त भंडार होने पर भी कोई अपव्यय ना हो। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 रोगियों के इलाज में मेडिकल ऑक्सीजन महत्वपूर्ण घटक है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि, प्रभावित राज्यों को चिकित्सा ऑक्सीजन सहित आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मार्च 2020 में महामारी के दौरान अधिकारियों के अंतर मंत्रालयी शक्तिसंपन्न समूह(EG2) का गठन किया गया था। मंत्रालय ने कहा, 'ऑक्सीजन निर्माण इकाइयों में उत्पादन बढ़ाया गया है। पहले से स्टॉक मौजूद है। फिलहाल ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इसके अलावा जरूरत के हिसाब से राज्यों को ऑक्सीजन की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये नियंत्रण कक्ष बनाने और सिलेंडरों तथा टैंकरों की आवश्यकता की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है। मंत्रालय ने कहा, पिछले दो दिनों से देश अपनी पूरी क्षमता से ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है। प्रभावित राज्यों में चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए स्रोतों की दैनिक मैपिंग निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी में है।
मंत्रालय ने कहा, देश में ऑक्सीजन के लिए लगभग 7127 मीट्रिक टन की पर्याप्त उत्पादन क्षमता है, और आवश्यकतानुसार, स्टील संयंत्रों के साथ उपलब्ध अधिशेष ऑक्सीजन का भी उपयोग किया जा रहा है। 12 अप्रैल को, देश में मेडिकल ऑक्सीजन की खपत 3842 मीट्रिक टन थी, जो कि दैनिक उत्पादन क्षमता का 54 प्रतिशत है। मेडिकल ऑक्सीजन की अधिकतम खपत महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, इसके बाद छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान है।












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