लद्दाख: CISF को मिली के लेह एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी, 4 अगस्त से तैनात होंगे 100 जवान
नई दिल्ली। भारत सरकार ने रविवार को लद्दाख के लेह हवाई अड्डे की सुरक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए अब एयरपोर्ट की रक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हाथों में सौंप दी है। बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा पाने के बाद यह पहली बार है जब लेह हवाई अड्डे की सुरक्षा में बदलाव किया गया है। जानकारी के मुताबिक सीआईएसएफ के 100 जवान लेह एयरपोर्ट की रक्षा करेंगे और दिन-रात पहरा देंगे। बता दें कि चीन सीमा के करीब होने और भारत के सबसे ऊंचाई वाले स्थान पर एयरपोर्ट होने की वजह से इसकी सुरक्षा काफी अहम हो जाती है।

मालूम हो की कोरोना काल में घरेलू विमानों को शुरू कर दिया है ऐसे में लेह हवाई अड्डे पर भी यात्रियों का आना जाना लगा हुआ है। समुद्र तल से 3,256 मीटर ऊपर स्थित यह एयरपोर्ट भारत के कुछ खूबसूरत हवाई अड्डों में से एक हैं। हालांकि कोरोना वायरल के चलते पर्यटकों का आना बंद है वरना यहां अक्सल लेह-लद्दाख घूमने वालों का तांता लगा रहता था। बात दें कि सीआईएसएफ के अंडर आने वाला यह देश का 64वां सिविल हवाई अड्डा है।
चार अगस्त से होगी तैनाती
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा संचालित कुशोक बकुला रिम्पोछे हवाई अड्डा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अंतर्गत आने से इसकी सुरक्षा और अधिक बढ़ गई है। वर्तमान में एयरपोर्ट को स्थानीय पुलिस द्वारा सुरक्षा दी जाती थी। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लिए जाने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटे जाने के बाद पिछले वर्ष 31 अक्तूबर को लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बना था। आधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट की सुरक्षा जिम्मेदारी चार अगस्त से सीआईएसएफ के हाथों में सौंप दी जाएगी। इस दौरान सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन और एएआई तथा लद्दाख केंद्रशासित क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।











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