Udaipur Kanhaiyalal मामले से जुड़ी सामग्री हटाएं सोशल मीडिया से, केंद्र सरकार ने कंपनियों से कहा
नई दिल्ली, 02 जुलाई: राजस्थान के उदयपुर में 28 जून को दुकान में घुसकर टेलर कन्हैया लाल की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद लोगों के अंदर भारी आक्रोश है। तो वहीं, ऐसे हालातों के देखते हुए गहलोत सरकार ने पूरे प्रदेश में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी थी। इस घटना के बाद केंद्र सरकार की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी नजर है। अब इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस जारी किया है।

सोशल मीडिया कंपनियों को जारी नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उदयपुर में हुई नृशंस हत्या को बढ़ावा देने और महिमा मंडित करने या इसे उचित ठहराने वाली सामग्री को तुरंत हटाए। दरअसल, 28 जून को टेलर कन्हैया लाल की रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद ने चाकू से सिर कलम कर हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सिर काटने की जिम्मेदारी लेते हुए अपराध का एक भयानक वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया था। सरकार की और से कहा गया कि सोशल मीडिया पर ऑनलाइन अपलोड किए गए वीडियो के अलावा, कई ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं जहां हत्या का महिमामंडन किया या उसे सही ठहराया गया।
सरकार ने नोटिस जारी करते हुए कहा, 'इस नोटिस के माध्यम से आपको तत्काल यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि सुरक्षा और विश्वास के अपने दायित्व के हिस्से के रूप में आप टैक्सट मैसेज, ऑडियो, वीडियो, फोटो या किसी भी रूप में पोस्ट ऐसी सामग्री को तुरंत हटा दें। ऐसी सामग्री को हटाए जाने की जरूरत है ताकि सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी और व्यवधान को रोका जा सके और लोक शांति और सद्भाव को बहाल किया जा सके।'
साजिश रचने के आऱोप में दो ओर लोग गिरफ्तार
टेलर कन्हैया लाल की हत्या मामले में उदयपुर पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्त में आए मोहसिन और आसिफ पर साजिश रचने का आरोप है। इसके साथ ही तीन और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस बाबत जानकारी देते हुए आईजी प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि ''मौसीन और आसिफ को गिरफ्तार किया गया है। वे साजिश और हत्याकांड की तैयारी में शामिल थे।''












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