Manipur Violence: मणिपुर में स्थिति कंट्रोल करने के लिए बड़ा कदम, केंद्रीय बलों की 288 कंपनियां तैनात
Manipur Violence News: मणिपुर में फिर से हुई हिंसक घटनाओं के बाद स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है, जिसके बाद राज्य की स्थिति कंट्रोल करने के लिए केंद्र ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बलों की 288 कंपनियां तैनात किया गया है। हिंसा कुकी उग्रवादियों द्वारा अपहृत छह लोगों के शव मिलने के बाद मणिपुर में फिर से भड़क गई है।
जिसके बाद केंद्र सरकार ने हिंसा प्रभावित मणिपुर में केंद्रीय बलों की कुल 288 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक और मणिपुर में सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने इम्फाल में सुरक्षा बलों की एकीकृत कमान बैठक की अध्यक्षता की, जहां उन्होंने मणिपुर में कार्यरत बलों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की।

पिछले हफ्ते ताजा हिंसा के बाद केंद्र द्वारा मणिपुर में 90 कंपनियां तैनात किए जाने के बाद मणिपुर में केंद्रीय बलों की कुल संख्या 288 कंपनियों तक पहुंच गई।
हर जिले में एक संयुक्त समन्वय समिति की भी घोषणा की गई। कुलदीप सिंह ने जोर देकर कहा कि प्राथमिकता नागरिकों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा करना है, क्योंकि पिछले साल मई से अब तक 258 लोग मारे जा चुके हैं। 3,000 से ज़्यादा लूटे गए हथियार बरामद किए गए हैं और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उन्हें सौंपे गए सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है।
मणिपुर में क्या हो रहा है?
हाल ही में राज्य में हिंसा भड़क उठी जब मणिपुर के जिरीबाम जिले से संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा अगवा किए गए छह लोगों के शव बरामद किए गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। इसके बाद मैतेई के एक सशस्त्र समूह ने एक गांव पर हमला किया, कथित तौर पर एक महिला के साथ बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी, फिर एक स्कूल और कई घरों में आग लगा दी।
जब कुकी उग्रवादियों ने उसी जिले में मैतेई समूह पर हमला किया, तो हालात और बिगड़ गए, जिसके बाद 11 नवंबर को जिरीबाम के बोरोबेक्रा में सीआरपीएफ ने दस संदिग्ध उग्रवादियों को मार गिराया। पिछले साल मई से इम्फाल घाटी स्थित मैतेई और आसपास की पहाड़ियों पर स्थित कुकी-ज़ो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं।












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