N95 मास्क को विदेश भेजने का रास्ता हुआ साफ, सरकार ने लिया बड़ा फैसला
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को उत्पाद के आउटबाउंड शिपमेंट को बढ़ावा देने के लिए, एन-95 मास्क पर लगे निर्यात प्रतिबंध हटा दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, 'एन-95/FFP-2 मास्क या समान चीजों की निर्यात नीति को संशोधित करते हुए प्रतिबंधित से मुक्त श्रेणी में कर दिया है, सभी प्रकार के मास्क स्वतंत्र रूप से निर्यात योग्य हैं।' बता दें कि इस कदम से भारत के निर्यात में सालाना 1,000 करोड़ रुपये का इजाफा होगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने अगस्त में मास्क निर्यात के लिए हर महीने 50 लाख इकाई की सीमा तय की थी। एन-95/FFP-2 मास्क या समान चीजों के निर्यात से बैन हटने के बाद देश अब इस विशाल व्यापार अवसर में करोड़ों रुपए के निर्यात आदेशों को प्राप्त करने में सक्षम होगा। एईपीसी के चेयरमैन के एक बयान में कहा गया है कि एन-95 मास्क सहित सभी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट का वार्षिक निर्यात 3,000 करोड़ रुपये से 4,000 करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है।
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गौरतलब है कि विश्व में कोरोना वायरस महामारी के बीच मास्क की मांग बढ़ी है। सरकार ने उत्पाद के आउटबाउंड शिपमेंट को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से एन -95 मास्क पर निर्यात प्रतिबंध हटा दिया। एईपीसी के चेयरमैन एन-95 मास्क पर निर्यात प्रतिबंध हटाने से पीपीई के तहत सभी जरूरी सामानों के लिए वैश्विक बाजार खुल गया है, जिसका कुल वैश्विक बाजार अगले पांच वर्षों में 60 बिलियन डालर से अधिक होगा। बता दें कि इससे पहले सरकार ने जनवरी में N95 मास्क का निर्यात बैन कर दिया था, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए अगस्त में पाबंदियों में ढील दी गई थी। हालांकि फेस शील्ड के निर्यात पर कोई रोक नहीं थी, इसके अलावा मेडिकल चश्मे पर लगे प्रतिबंध को भी हटाकर निर्यात करने की एक लिमिट तय की गई है।












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