CAT ने केरल सरकार से कहा- डीजीपी जैकब थॉमस का निलंबन रद्द करें
नई दिल्ली। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ने केरल सरकार से डीजीपी जैकब थॉमस के निलंबन को रद्द करने और उन्हें जल्द नई पोस्टिंग देने को कहा है। सर्विस रूल के उल्लंघन के मामले में जैकब थॉमस को दो साल पहले निलंबित कर दिया गया था। वे निलंबन के समय सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निदेशक थे।

जैकब थॉमस के खिलाफ उनकी आत्मकथा 'श्रावुकालक्कोप्पम नींथुम्बोल' (स्विमिंग विद शार्क) को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया था कि जैकब थॉमस ने इस किताब में कथित रूप से सरकारी गोपनीयता का खुलासा किया। ये गोपनीय दस्तावेज उनके पास सतर्कता निदेशक के तौर पर जानकारी में आए थे। इस तरह इन चीजों को आत्मकथा में डालकर उन्होंने पुलिस बल से जुड़े कानून का उल्लंघन किया है।
थॉमस द्वारा कुल 240 पन्नों की लिखी गई किताब में कई बड़े नेताओं पर निशाना साधा गया था। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी का नाम भी शामिल हैं। 1985 बैच के आईपीएस जैकब थॉमस की इस किताब में कहा गया था कि कई विवादास्पद मामलों में जांच को प्रभावित किया गया। जैकब का कहना था कि उन्हें ये सब लिखने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है क्योंकि किताब या फिर आत्मकथा लिखना साहित्य की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा था कि किताब में ऐसी कोई बात नहीं लिखी गई है जिससे किसी तरह का उल्लंघन हो, उन्होंने कहा था कि किताब में लिखी गई बातें पहले से पब्लिक डोमेन में हैं। इस किताब में मध्य केरल के एक पहाड़ी गांव में बचपन से लेकर अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी तक के अपने अनुभव के बारे में उन्होंने लिखा था।












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