केंद्र ने रिजर्व खाद्यान्न पर बोली लगाने से राज्यों को रोका, इस वजह से लिया गया फैसला
मोदी सरकार राज्यों को केंद्र के पास मौजूद खाद्यान्न के लिए बोली लगाने की अनुमति नहीं देगी। इसी महीने 15 लाख टन गेंहू बेचने के लिए अलग-अलग नीलामी प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। ऐसे में उस पर भी रोक लग गई है।
दरअसल केंद्र का खाद्य भंडार 72.5 मिलियन टन है, जिसमें एक बड़ा सरप्लस शामिल है। अनाज की खुले बाजार में बिक्री केंद्र द्वारा उठाए गए मुद्रास्फीति-रोधी उपायों में से एक है। इसकी मदद से खाद्य व्यापारियों और विक्रेताओं द्वारा खाद्य पदार्थों की स्टोरेज को भी नियंत्रित किया जाता है।

बीते 13 जून को केंद्र ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के स्टॉक से राज्य सरकारों को गेहूं और चावल की बिक्री रोक दी थी। जिससे विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर हैं।
मामले में एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र की नई खाद्य नीति विभिन्न मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श के बाद ली गई है। 8 जून को एक अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक हुई थी, जिसमें राज्यों को बिक्री बंद करने की सिफारिश की गई। उस पर अब मुहर लग गई है।
मामले में मंत्रालय की समिति ने कहा था कि ओएमएसएस के माध्यम से बाजार हस्तक्षेप और गेहूं-चावल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने की जरूरत है। ऐसे में राज्य सरकारों के लिए ओएमएसएस के तहत गेहूं और चावल की बिक्री बंद की जानी चाहिए।
मामले में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त अनाज वितरित करेगी। इस ताजा फैसले का मकसद बाकी उपभोक्ताओं को खाद्य मुद्रास्फीति से बचाना है।
पूर्वोत्तर को राहत
वहीं पूर्वोत्तर के कुछ राज्य प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे, जबकि मणिपुर में हिंसा फैली हुई है। ऐसे में कुछ पहाड़ी राज्यों के लिए चावल की बिक्री को 3400 प्रति क्विंटल (100 किग्रा) की मौजूदा दर पर जारी रखने का फैसला किया गया है।
कर्नाटक सरकार को बड़ा झटका
कर्नाटक की नई कांग्रेस सरकार ने मुफ्त राशन देने का वादा किया था, लेकिन केंद्र के इस फैसले से उसे झटका लगा है। इस पर सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि मोदी सरकार राज्य को गरीबों को अनाज की आपूर्ति करने से रोक रही है। कर्नाटक सरकार गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों को हर महीने 10 किलो खाद्यान्न देने की योजना पर काम कर रही थी, लेकिन इस फैसले से वो बाधित होगी।












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