Census 2021: OBC को लेकर पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार से की बड़ी मांग
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि 2021 के जनगणना में ओबीसी की आबादी के आंकड़े भी जुटाए जाएं। जानकारी के मुताबिक इसके लिए उसने केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से गुजारिश की है। इस संबंध में गुरुवार को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव आनंद कुमार ने सामाजिक न्याय मंत्रालय के सचिव को एक प्रस्ताव भेजा है। गौरतलब कि ओबीसी में अबतक दरकिनार रहीं जातियों को भी आरक्षण का पूरा लाभ दिलाने के लिए गठित जस्टिस जी रोहिणी को भी इसकी वजह से परेशानियों का सामना करने की बातें सामने आ चुकी हैं।

आयोग ने सर्वसम्मति से लिया फैसला
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एनसीबीसी के सूत्रों ने सरकार से इस तरह के संवाद की पुष्टि की है। बता दें कि इस संबंध में मल्लेश यादव नाम के एक याचिकाकर्ता की ओर से दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है। जानकारी के मुताबिक आयोग की हाल ही में हुई बैठक में इसको लेकर विचार किया है, जिसमें सारे सदस्य मौजूद थे और इस बारे में फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। गौरतलब है कि इस आयोग को नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में ही संवैधानिक दर्जा दिया गया है।
रोहिणी आयोग के सामने भी आई दिक्कत
यही नहीं सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस जी रोहिणी की अध्यक्षता में एक आयोग भी गठित किया था, जिसे ओबीसी में भी ज्यादा कमजोर तबकों को लाभ देने के लिए इसकी चार उप-श्रेणियां बनाने की जिम्मेदारी दी थी। जानकारी के मुताबिक इस आयोग को भी ओबीसी की विभिन्न जातियों की जनसंख्या का डेटा नहीं उलब्ध होने से अपने काम में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस आयोग को 27 मार्च, 2018 को ही अपनी रिपोर्ट देनी थी। लेकिन, अब इसका कार्यकाल बढ़ाकर 31 जुलाई किया जा चुका है।
बाद में रोहिणी आयोग ने सर्वे का इरादा छोड़ दिया
इससे पहले 12 दिसंबर, 2018 को रोहिणी आयोग ने थावर चंद गहलोत को खत लिखा था, जिसमें ओबीसी आबादी के जातिगत आंकड़े जुटाने के लिए प्रस्तावित अखिल भारतीय सर्वे के लिए उचित बजट के प्रावधान की गुजारिश की गई थी। लेकिन, 7 मार्च, 2019 को जस्टिस रोहिणी ने गहलोत को लिखा, 'अब हमने फैसला किया है कि इस स्टेज पर ऐसा कोई सर्वे नहीं शुरू करेंगे।'
ओडिशा सरकार ने शुरू की है नई पहल
हाल ही में राजनीतिक तौर पर इस बेहद संवेदनशील मसले पर ओडिशा सरकार ने पिछड़े वर्ग के लोगों की सामाजिक और शैक्षणिक हालात का जायजा लेने के लिए राज्य स्तरीय सर्वे कराने का फैसला किया है। इसकी मंजूरी ओडिशा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने पिछले 26 फरवरी को ही दी है। यह सर्वे 1 मई से 20 मई के बीच होना है। (तस्वीर-सांकेतिक)












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