सैनिकों को सिखाए जाने वाले वो 5 शब्द, जो सीडीएस बिपिन रावत देश को बताकर गए हैं
नई दिल्ली, 8 दिसंबर: सीडीसी जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर हादसे में हुए निधन से पूरा देश सदमे में है। दुनियाभर से शोक संदेश मिल रहे हैं। भारतीय सशस्त्र सेना ने अपना सबसे बड़ा सैन्य कमांडर खो दिया है। लेकिन, जनरल रावत तीनों सेनाओं और देश को कई सारी सीख देकर गए हैं। वह सेना की उस विचारधारा को बताकर गए हैं, जो एक सैनिक आजीवन अपने दिलो-दिमाग में बिठा लेता है या ट्रेनिंग के दौरान उसके अंदर बिठा दिया जाता है। जनरल रावत, उनकी पत्नी के अलावा 11 और लोगों की बुधवार को तमिलनाडु के नीलगिरी पहाड़ों पर हुए एक भयानक हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया है।

हमेशा ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहे जनरल रावत
भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत भले ही अब हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उनकी बताई गई बातें भारतीय सशस्त्र सेना को हमेशा ऊर्जा से भरती रहेगी। चार दशक से ज्यादा का सैन्य करियर होने के बावजूद जनरल रावत में देश सेवा के लिए जो उत्साह और जुनून भरा हुआ था वह युवा सैनिकों का मनोबल और बढ़ा देता था। जनरल रावत जिए दो देश के लिए और उन्होंने हादसे की वजह से देह छोड़ा तो भी देश की ड्यूटी पर ही तैनात। दो साल पहले की बात है एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने वह बातें बताई थीं कि भारतीय सेना किस तरह से अपने नए सैनिकों को ट्रेनिंग देती है, क्या ऐसी बातें हैं जो उनके मन-मस्तिष्क में उतार दिया जाता है।

'जवानों को ट्रेनिंग में बताई जाती है खास विचारधारा'
2019 में सीडीएस रावत ने एक हिंदी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा था कि भारतीय सेना में जो ट्रेनर होते हैं, इंस्ट्रक्टर होते हैं, वह भर्ती होकर आए नए जवानों के दिमाग में यह बात डालते हैं कि आपको सेना की जो विचारधारा बताई जा रही है, आप उसका हमेशा ही पालन करेंगे और सदा उसे अपने साथ लेकर चलेंगे। वे उन पांच शब्दों का जिक्र करते हुए तभी यह भरोसा जता गए थे कि जब तक भारतीय सेना के जवान उन शब्दों पर चलते रहेंगे, तब तक दुश्मन हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकेगा। उन्होंने कहा था,'कोई भी नौजवान जब अपने प्रशिक्षण के लिए अपने ट्रेनिंग सेंटर में जाता है, भारतीय सेना में तैनात होने के लिए, उसके प्रशिक्षक बार-बार उसके दिमाग में डालते रहते हैं कि ये विचारधारा आप सदा अपने साथ में लेकर चलेंगे।'

सैनिकों को सिखाए जाने वाले वो 5 शब्द जानिए
तब जनरल रावत ने जो पांच चुनिंदा शब्द बताए थे, वे हैं- 'नाम,नमक, निशान, वफादारी और इज्जत'। उन्होंने इसके बारे में बताया था, 'इन पांच शब्दों पर, इन पांच तत्वों पर एक सैनिक की नींव जोड़ी जाती है। ये पांच शब्द इतनी गहराई से उसके दिमाग में बिठा दिए जाते हैं कि जब भी उसे किसी कर्तव्य का पालन करना होता है। इन तत्वों को ध्यान में रखते हुए उसे आगे चलते रहना होता है; और जबतक भारतवर्ष के सैनिक इन 5 शब्दों पर अमल करते रहेंगे, तबतक मैं यकीन के साथ कह सकता हूं कि अगर भारतीय सेना पर कोई बुरी नजर डालेगा तो उसका नाश कर दिया जाएगा।'

हेलीपैड से 10 किलीमोटर दूर हुआ हादसा
बता दें कि बुधवार को तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में हुए वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अलावा 11 लोगों की मौत हो गई है। यह दुर्घटना उस हेलीपैड से 10 किलोमीटर दूर हुआ है, जहां पर उसे लैंड करना था। इस दुखदायी घटना के लिए दुनियाभर से शोक संदेश आ रहे हैं। सीडीएस जनरल रावत एयरफोर्स के जिस एमआई-17वी5 में सवार थे, उसे बेहद बेहतर हेलीकॉप्टर माना जाता है, फिर इतनी बड़ी दुर्घटना कैसे हुई यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। वायु सेना के अनुसार जनरल बिपिन रावत तमिलनाडु के नीलगिरी पहाड़ों पर स्थित वेलिंगटन के डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में स्टूडेंट ऑफिसरों और फैक्लटी को संबोधित करने के लिए गए थे।












Click it and Unblock the Notifications