CBSE Paper Leak: शिक्षा विभाग के अधिकारी का दावा, खनन माफिया से भी बड़े हैं शिक्षा माफिया
नई दिल्ली। जिस तरह से सीबीएसई बोर्ड के पेपर लीक हुए उसके बाद से लगातार बोर्ड के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ा है। पेपर लीक होने की वजह से लाखों छात्रों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा और उन्होंने इसके बाद बोर्ड के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लेकिन इस बूरे विवाद के बाद शिक्ष विभाग के एक बड़े अधिकारी ने दावा किया है कि शिक्ष जगत में धांधली कोयला मंत्रालय से भी कहीं ज्यादा बड़ी है और गहरी है।

सीबीएसई चेयरमैन का किया बचाव
केंद्रीय शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप जोकि इससे पहले कोयला सचिव थे, उन्होंने कहा कि कोयला में जमीन के भीतर खनन होता है, लेकिन इससे जुड़े माफिया उपर होते हैं, लेकिन शिक्षा में माफिया अंदर होते हैं, जिसके वजह से हमे काफी मुश्किल होती है। हालांकि स्वरूप ने सीबीएसई के मुखिया का बचाव किया है। उन्होंने अनीता करवाल के बारे में कहा कि लोग उन्हें बिना इस पूरे मसले को समझे निशाना बना रहे हैं, शुरुआती जांच में तो इतना साफ लगता है कि उनकी इस पूरे पेपर लीक मामले में कोई भूमिका नहीं है।
सीबीएसई की कोई भूमिका नहीं
पेपर लीक से किसी भी सीबीएसई अधिकारी के जुड़े होने की बात को स्वरूप ने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस तरह की कोई शिकायत सामने नहीं आई है, अगर कोई भी इस मामले में दोषी हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि पेपर लीक मामला सामने आने के बाद एक सीबीएसई बोर्ड का कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है, जबकि तीन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। जिस सीबीएसई के कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है वह जिस सेंटर पर पेपर लीक हुआ है उसका इंचार्ज था।
नहीं देनी होगी गणित की परीक्षा
पेपर लीक होने के बाद कक्षा 12 के छात्रों को दोबारा अर्थशास्त्र का पेपर देना होगा, यह परीक्षा 25 अप्रैल को होगी। सरकार ने पिछले हफ्ते की इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 10वीं की गणित की परीक्षा दोबारा नहीं होगी। वहीं इस मामले में शनिवार को हिमाचल प्रदेश से भी तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनपर आरोप है कि कक्षा 12 का अर्थशास्त्र का पेपर इन लोगों ने लीक कराया है।












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