माल्या के केस की जांच करने वाली CBI टीम खोलेगी सुशांत की मौत का राज, जानिए टीम के 3 स्मार्ट ऑफिसर्स के बारे में
मुंबई। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत कैसे हुई, इसकी जांच अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (सीबीआई) की एक टीम करेगी। गुरुवार की रात होते-होते सीबीआई ने इस केस में एफआईआर दर्ज कर ली। इसमें रिया चक्रवर्ती को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इाके अलावा छह और लोगों को आरोपी बनाया गया है। केंद्र सरकार ने बिहार सरकार की सिफारिश के बाद केस सीबीआई को सौंपा है। दिलचस्प बात है कि इस केस को सुलझाने का जिम्मा सीबीआई की उसी स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को दिया गया है जो अब तक देश में कई हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाएगी जो अगस्ता-वेस्टलैंड और विजय माल्या जैसे मामलों को देखती आई है।

अगस्ता वेस्टलेंड केस की भी जांच
सीबीआई के अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि एसआईटी जो अभी विजय माल्या के बैंक धोखाधड़ी और अगस्त वेस्टलैंड घोटाले के केस की जांच कर रही है, वही सुशांत सिंह राजपूत के डेथ केस की जांच करेगी। एसआईटी की अगुवाई आईपीएस ऑफिसर मनोज शशिधर करेंगे। डीआईजी गगनदीप गंभीर और एसपी नुपूर प्रसाद भी इस टीम का हिस्सा होंगे। आईपीएस ऑफिसर अनिल यादव भी टीम में शामिल हैं। साल 1994 के गुजरात कैडर के आईपीएस ऑफिसर मनोज शशिधर को एक सख्त और तेज-तर्रार ऑफिसर माना जाता है। इसी वर्ष उन्हें सीबीआई का डायरेक्टर सरकार की तरफ से नियुक्त किया गया है। उनके नाम की मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट की उसी एप्वाइंटमेंट कमेटी की तरफ से दी गई है जिसमें गृहमंत्री अमित शाह भी सदस्य हैं। वह इससे पहले इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
Recommended Video

बिहार की रहने वाली DIG गगनदीप गंभीर
आईपीएस मनोज शशिधर के बाद इस टीम में बिहार की आईपीएस ऑफिसर और डीआईजी गगनदीप गंभीर भी शामिल हैं। गगनदीप गंभीर साल 2004 की गुजरात कैडर की आईपीएस ऑफिसर हैं। उनके पिता योगेंद्र सिंह गंभीर की मानें तो उनकी बेटी ने शहर से ही पढ़ाई पूरी की है। वह स्कूल में बहुत ही इंटेलीजेंस स्टूडेंट थी और हमेशा पढ़ाई में आगे रहती थीं। कक्षा 10वीं तक पढ़ाई करने के बाद वह पंजाब चली गईं और फिर पंजाब यूनिवर्सिटी से अपनी बाकी की पढ़ाई पूरी की। पंजाब यूनिवर्सिटी में वह टॉपर बनीं।

हाई-प्रोफाइल केस की जांच में रहीं शामिल
गगनदीप राजकोट समेत गुजरात के कई जिलों में बतौर एसएसपी तैनात रही हैं। पिछले डेढ़ साल से वह सीबीआई में हैं। वह कई हाई-प्रोफाइल घोटालों की जांच कर चुकी हैं। डीआईजी गगनदीप ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के तथाकथित रोल वाले गैर-कानूनी खनन केस की जांच की थी। इसके बाद उन्हें उस यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया जो श्रीजन घोटाला देख रही थी और जर्नलिस्ट उपेंद्र राय के खिलाफ जांच कर रही थी। उनके पास ज्वॉइन्ट डायरेक्ट साई मनोहर की स्पेशल जांच टीम का भी अतिरिक्त जिम्मा है।

2019 में CBI में आईं SP नुपुर प्रसाद
सुशांत केस में बनी एसआईटी में एसपी नुपुर प्रसाद भी शामिल हैं। एसपी नुपुर प्रसाद पिछले वर्ष सीबीआई में तैनात हुई हैं। साल 2007 बैच की आईपीएस नुपुर प्रसाद अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और संघ शासित प्रदेशों के कैडर जिसे AGMUT कहते हैं, उस कैडर की ऑफिसर हैं। नुपुर नॉर्थ दिल्ली में बतौर डीएसपी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। पांच अगस्त को सुशांत सिंह राजपूत का केस सीबीआई को सौंपा गया है। सुशांत के पिता केके सिंह ने 24 जुलाई को पटना में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने रिया को सुशांत की मौत का दोषी बताया था।












Click it and Unblock the Notifications