रिश्वत मामले में CBI ने अपने इंस्पेक्टर और स्टेनोग्राफर को किया सस्पेंड
नई दिल्ली। CBI suspends its two officials, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा अपने कुछ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामले दर्ज किये गए हैं। अब लाखों रुपए की रिश्वत लेकर आरोपियों को फायदा पहुंचाने के आरोप में शामिल इंस्पेक्टर और स्टेनोग्राफर को सीबीआई ने निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले में शामिल दोनों डीएसपी पर कार्रवाई के लिए मंत्रालय को पत्र लिखा गया है।

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि, सीबीआई ने अपने ही कर्मचारियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने के मामले में अपने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इंस्पेक्टर और स्टेनो को निलंबित किया गया है जबकि दोनों डीएसपी पर कार्रवाई के लिए फाइल मंत्रालय को भेजी गई है। वे न केवल जांच से समझौता करने के लिए नियमित तौर पर रिश्वत प्राप्त कर रहे थे बल्कि बैंकों से जनता के करोड़ों रुपये का घपला करने की आरोपी कंपनियों से अपने साथियों को रिश्वत दिलाने के लिए माध्यम के रूप में भी काम कर रहे थे।
आठ पृष्ठों की प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को एजेंसी द्वारा छापेमारी की कार्रवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया। इसके अनुसार, इंस्पेक्टर कपिल धनखड़ को अपने उन वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों आरके सांगवान और आरके ऋषि से कम से कम 10-10 लाख रुपये प्राप्त हुए जो 700 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की आरोपित श्री श्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स तथा 3,600 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी की आरोपित फ्रास्ट इंटरनेशनल के पक्ष में काम कर रहे थे।
सांगवान, ऋषि, धनखड़ और स्टेनोग्राफर समीर कुमार सिंह अधिवक्ताओं अरविंद कुमार गुप्ता, मनोहर मलिक और कुछ अन्य आरोपितों के साथ मिलकर कुछ मामलों की जांच को प्रभावित कर रहे थे। सीबीआइ ने अपने चार अधिकारियों- सांगवान, ऋषि, धनकड़ और सिंह के अलावा मलिक और गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक श्री श्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स मनदीप कौर ढिल्लन और फ्रास्ट इंटरनेशनल के निदेशकों सुजय देसाई और उदय देसाई के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।












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