आखिर कैसा रहा है हाई प्रोफाइल मामलों में CBI का ट्रैक रिकॉर्ड, आरुषि हत्याकांड से लेकर सुशांत सिंह राजपूत केस
CBI Probe Kolkata RK Kar Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने अपनी शुरुआती जांच की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है।
इस रिपोर्ट में कोलकाता पुलिस ने जिस तरह से इस पूरे मामले को हैंडल किया, उसपर सवाल खड़े किए गए हैं। साथ ही सीबीआई ने कहा कि हम घटनास्थल पर 5 दिन के बाद पहुंचे, लेकिन तबतक काफी कुछ बदला जा चुका था। सीबीाई ने आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।

देश की सर्वोच्च संस्था
सीबीआई को देश की सर्वोच्च संस्था माना जाता है। किसी भी हाई प्रोफाइल मामले की जांच जब सीबीआई को सौंपी जाती तो उम्मीद की जाती है कि इस पूरे मामले का असल सच सीबीआई लोगों के सामने लाएगी। इसी उम्मीद के साथ इस तरह के केस सीबीआई को सौंपे जाते हैं। लेकिन सीबीआई के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यह बहुत ज्यादा प्रभावित करने वाले नहीं हैं।
सुशांत सिंह राजपूत केस
सीबीआई को फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या का केस सौंपा गया था। सुशांत ने 14 जून 2020 में अपने फ्लैट पर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई थी।
इस मामले में रिया चक्रवर्ती पर कई आरोप लगे, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। आजतक इस मामले में भी सच सामने नहीं आ सका कि सुशांत को आत्महत्या के लिए किसने उकसाया था।
जिया खान केस
इससे पहले सीबीआई को बॉलीवुड अभिनेत्री जिया खान की मौत की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया था। जिया खान का शव उनके कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला था। घटना के चार दिन बाद सुसाइड नोट मिला था, जिसमे सूरज पंचोली जिक्र था।
आरोप था कि सूरज पंचोली ने ही उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया था। लेकिन 10 साल के बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट ने सूरज पंचोली को बरी कर दिया और आजतक यह गुत्थी सुलझ नहीं पाई कि जिया खान ने आत्महत्या की या उनकी हत्या हुई।
शीना बोरा केस
इस मामले की जांच भी सीबीआई को महाराष्ट्र सरकार ने सौंपी थी। सीबीआई को इस मामले की जांच 18 सितंबर, 2015 में सौंपी गई थी। शीना बोरा 2012 में लापता हो गई थीं। अगस्त 2015 में मुंबई पुलिस ने शीना की मां इंद्राणी मुखर्जी और सौतेले पिता पीटर मुखर्जी को गिरफ्तार किया था।
सीबीआई का आरोप था कि इंद्राणी मुखर्जी ने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवीर राय के साथ मिलकर शीना की हत्या करके उसका शव जला दिया। साथ ही पीटर मुखर्जी पर भी इस मामले में साजिश में शामिल होने का आरोप था। जेल से रिहा होने के बाद इंद्राणी मुखर्जी ने दावा किया कि शीना जिंदा है। लेकिन आजतक इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझ नहीं सकी है।
आरुषि-हेमराज केस
बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई थी। इस मामले में आरुषि के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार ही मुख्य आरोपी थे। सीबीआई कोर्ट ने नूपुर और राजेश को 2013 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
लेकिन बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सीबीआई की जांच में खामियों का जिक्र करते हुए,सबूतों के अभाव में 2017 में राजेश और नूपुर को रिहा कर दिया था। जिसके चलते आज भी इस राज से पर्दा नहीं उठ सका है कि 15-16 मई 2008 की रात को आरुषि और हेमराज की हत्या किसने की थी।












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