गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, राजस्थान में सीधे जांच नहीं कर सकेगी CBI
गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, राजस्थान में सीधे जांच नहीं कर सकेगी सीबीआई
नई दिल्ली। राजस्थान में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई बिना राज्य सरकार की इजाजत के अब किसी केस की जांच नहीं कर सकेगी। राजस्थान सरकार ने राज्य में सीबीआई के लिए दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली हा। अब किसी भी केस की जांच के लिए पहले राज्य सरकार से परमिशन लेनी होगी। राजस्थान के गृह विभाग ने इस संबंध में सोमवार कोअधिसूचना जारी की है। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य सरकार परिस्थिति के अनुसार किसी केस पर सहमति देगी।
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राजस्थान के गृह विभाग की अधिसूचना में ये भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने सीबीआई को पहले की सभी सामान्य सहमति रद्द कर दी है। सिर्फ विशिष्ट व्यक्तिगत मामलों में ये सहमति रहेगी। सीबीआई की एंट्री पर बैन लगाने वाला राजस्थान पहला राज्य नहीं है। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल सीबीआई के राज्य में किसी मामले में सीधी जांच पर रोक लगा चुके हैं। इन राज्यों में सीबीआई को जांच के लिए राज्य सरकार से इजाजत लेनी होती है। ऐसे में सीबीआई की एंट्री पर रोक लगाने वाला राजस्थान चौथा राज्य बन गया है।
गहलोत सरकार के फैसले पर राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि अधिसूचना से साफ है कि सीबीआई राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना राजस्थान में किसी भी मुद्दे की जांच नहीं कर सकती है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि गहलोत को डर था कि ऑडियो टेप केस और इससे जुड़े मुद्दों की जांच सीबीआई से कराई जा सकती है और इससे कांग्रेस सरकार के कई कारनामे सामने आ सकते हैं।
बता दें कि राजस्थान में इस समय सियासी उथलपुथल चल रही है। कांग्रेस के सचिन पायलट बगावती तेवर अपनाए हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री गहलोत लगातार कह रहे हैं कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर उनके करीबियों को परेशान किया जा रहा है। इस सबके बीच गहलोत सरकार ने सीबीआई को लेकर यह फैसला लिया है। राजस्थान में कुछ दिन पहले ही अशोक गहलोत के कथित करीबियों के घर पर आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। राजस्थान कांग्रेस के दो बडे़ नेताओं राजीव अरोड़ा और धर्मेंद्र राठौड़ के ठिकानों पर यह छापेमारी हुई है। इस पर गहलोत ने कहा है कि गुंडागर्दी हो रही है, मनमर्जी से छापे मारे जा रहे हैं।












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