Polygraph Test: जानिए क्यों हो सकता है रिया का पॉलीग्राफ टेस्ट और कैसे किया जाता है ?
नई दिल्ली। पूरे देश में इस समय ये सवाल चर्चा में बना हुआ है कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की या उनकी हत्या हुई है। इसी सवाल का जवाब पता करने के लिए अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई मुख्य आरोपित रिया चक्रवर्ती का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने पर विचार कर रही है। अधिकारियों की मानें तो पॉलीग्राफ टेस्ट से सुशांत सिंह राजपूत की मौत की वजह का पता चल सकता है।

हाई प्रोफाइल मामलों में हुआ है पॉलीग्राफ टेस्ट
पिछले तीन दिनों से लगातार सीबीआई रिया चक्रवर्ती से पूछताछ कर रही है। खबर आ रही है कि एक दो दौर की और पूछताछ के बाद अब सीबीआई रिया का पॉलीग्राफ टेस्ट कर सकती है। खबर आ रही है कि रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के साथ ही सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त और फ्लैटमेट रहे सिद्धार्थ पिठानी, कुक नीरज का भी पॉलीग्राफी टेस्ट किया जा सकता है।
अब तक देश के बड़े मामलों में एजेंसियां पॉलीग्राफ टेस्ट करा चुकी हैं। इनमें आरुषि हत्याकांड जैसे चर्चित केस शामिल हैं। आइए जानते हैं कि पॉलीग्राफ टेस्ट क्या है और आखिर ये कैसे काम करता है। पॉलीग्राफ टेस्ट को लाई डिटेक्टर या झूठ पकड़ने की मशीन के नाम से भी जाना जाता है। इसका आविष्कार1921 में जॉन ऑगस्टस लार्सन ने की थी।

ऐसे काम करती है पॉलीग्राफ मशीन
पॉलीग्राफ मशीन को जिस व्यक्ति का टेस्ट किया जा रहा है उससे अटैच कर दिया जाता है। इस मशीन से आ रहे सिग्रल को एक पेपर पर रिकॉर्ड किया जाता है। इन सिग्नल के माध्यम से ये पता लगाया जाता है कि व्यक्ति झूठ बोल रहा है या सच। इस प्रक्रिया को पॉलीग्राफ टेस्ट कहा जाता है।
पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान व्यक्ति की जिन बातों को मुख्य रूप से रिकॉर्ड किया जाता है उनमें व्यक्ति की पल्स रेट, सांस लेने की गति और ब्लड प्रेशर के साथ शरीर से निकल रहा पसीना प्रमुख है। इस दौरान व्यक्ति के हाथ पैर की मूवमेंट को भी रिकॉर्ड किया जाता है।

क्यों पड़ रही है पॉलीग्राफी टेस्ट की जरूरत ?
सीबीआई बीते 8 दिनों से सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच कर रही है। वहीं पिछले तीन दिन से रिया चक्रवर्ती को जांच के लिए बुलाया जा रहा है। खबर आ रही है कि सुशांत राजपूत केस में गवाहों के बयान आपस में मैच नहीं कर रहे हैं। जब बयान मेच नहीं करते तो जांच एजेंसियां पॉलीग्राफ टेस्ट की जरूरत समझती हैं।
इस टेस्ट से जांच कर रही सीबीआई को काफी मदद मिल सकती है। सीबीआई ज्यादातर हाई प्रोफाइल केस में पॉलीग्राफ टेस्ट करती है। इसके आधार पर जांच को दिशा दी जा सकती है। इस टेस्ट में जो बातें सामने आएंगी उसे सबूत के तौर पर नहीं रखा जा सकता।
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अगर रिया ने टेस्ट से किया इनकार ?
खास बात यह है कि जिसका पॉलीग्राफ टेस्ट होना होता है उसका अप्रूवल लिया जाता है। इसके लिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से परमिशन लेनी पड़ती है। साथ ही टेस्ट के बारे में वकील को जानकारी देनी पड़ती है। यानि अगर सीबीआई को पॉलीग्राफ टेस्ट करना होगा तो उसे रिया से अप्रूवल लेना होगा।
अगर रिया ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अप्रूवल देने से इनकार कर दिया तो सीबीआई जांच रिपोर्ट में इस बात को लिखेगी। हालांकि पॉलीग्राफ टेस्ट कितने कारगर हैं इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट आंकड़े नहीं है। भारत में इसके नतीजे को सबूत के तौर पर अदालत में नहीं रखा जा सकता। हां सीबीआई फाइनल रिपोर्ट में इसे दर्ज कर सकती है।












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