Cash For Query: एथिक्स पैनल के सामने पेश होने के लिए महुआ मोइत्रा ने मांगा और समय, कही ये बात
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा कैश-फॉर-क्वेरी विवाद में फंसी हैं। उनका बयान दर्ज करने के लिए लोकसभा की आचार समिति ने उनको नोटिस भेजा था, लेकिन उन्होंने समिति के सामने पेश होने के लिए और ज्यादा समय मांगा है।
महुआ ने नोटिस की कॉपी ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एथिक्स कमेटी (आचार समिति) अध्यक्ष ने मुझे ईमेल करने से बहुत पहले लाइव टीवी पर मेरे समन की घोषणा कर दी थी। सभी शिकायतें और हलफनामे भी मीडिया में जारी किए थे, लेकिन मैं 4 नवंबर को पहले से तय चुनावी कार्यक्रम खत्म होने के बाद ही जवाब देने आ सकूंगी।

महुआ पर क्या है आरोप?
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा मोदी सरकार पर हमलावर रहती हैं। हाल ही में उनके ऊपर बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगा। पैसे के साथ उन्होंने बिजनेसमैन से महंगे तोहफे भी लिए। इस मामले की शिकायत बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर से की थी।
महुआ पर आरोप है कि उन्होंने संसद का अपना लॉगइन-पासवर्ड बिजनेसमैन को दे दिया था, ताकि वो अपने हिसाब से सवाल दर्ज करवा सकें। आरोप है कि जब महुआ भारत में थीं, तो दुबई में उनके आईडी-पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया। इसी की जांच आचार समिति कर रही है।
वहीं अपने पत्र में टीएमसी सांसद ने कहा कि 30 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच निर्धारित विजयादशमी बैठकों के कारण वो 31 अक्टूबर को दिल्ली में नहीं रह सकतीं। मोइत्रा ने बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी का उदाहरण भी दिया, जिन्हें लोकसभा के विशेषाधिकार द्वारा बुलाया गया था। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दानिश अली के साथ विवाद के कारण समिति ने 10 अक्टूबर को बैठक की, लेकिन बाद में उनके अनुरोध के अनुसार उन्हें बाद में उपस्थित होने की अनुमति दी गई।
मोइत्रा ने आगे कहा कि हीरानंदानी को भी नैतिकता पैनल के समक्ष उपस्थित होना चाहिए। साथ ही उन्होंने उन गिफ्ट की लिस्ट मांगी, जो कथिततौर पर बिजनेसमैन ने उनको दिए थे।












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