क्या बजरंग दल में महिलाएं शामिल हो सकती हैं?
Bajrang Dal: बजरंग दल चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में कई बार लोगों के मन में इस दल में महिलाओं की भागीदारी के सवाल भी उठने लगते हैं। चलिये जानते हैं इन सवालों के जवाब...

Women in Bajrang Dal: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वादे में बजरंग दल का नाम शामिल होने के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है। हर तरफ सिर्फ बजरंग दल की ही चर्चा हो रही है।
बजरंग दल को लेकर उठे सवाल
ऐसे में लोगों के मन में इस दल को लेकर तमाम तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं। बजरंग दल क्या है, ये कैसे काम करता है, इसकी शुरुआत कब हुई थी, दल से कितने लोग जुड़े हुए हैं... जैसे तमाम सवाल देश के कोने-कोने से उठ रहे हैं। इन्ही में से एक सवाल इस दल में महिलाओं की भागीदारी का भी है। ऐसे में चलिये जानते हैं कि क्या बजरंग दल में महिलाएं शामिल हो सकती हैं?
क्या दल में शामिल हो सकती हैं महिलाएं?
हाल ही में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सत्ता मिलने के बाद बजरंग दल पर बैन लगाने का वादा किया है। वहीं इस मसले पर भाजपा का कूदना तो जाहिर सी बात है। पीएम मोदी ने ऐसा करने को बजरंग बली को ताले में बंद करना बताया। बजरंग दल पर सियासत गर्माए जा रही है। इस बीच एक बात, जिसके बारे में जानने को लोग उत्सुक रहते हैं वो ये कि क्या बजरंग दल में महिलाएं भी शामिल हो सकती हैं?
अगर महिलाओं को होना है शामिल...
बजरंग दल का नाम आते ही युवाओं की तस्वीर खुद ब खुद जहन में आ जाती है। लेकिन इसमें महिलाओं का जिक्र कम ही होता है। बजरंग दल समय समय पर युवाओं को जोड़ने के लिए भर्ती अभियान भी चलाता रहा है। लेकिन अगर इस दल से किसी महिला को जुड़ना होगा तो क्या ये संभव है? क्या बजरंग दल महिलाओं को शामिल होने की इजाजत देता है?
क्या है दुर्गा वाहिनी?
बजरंग दल से जुड़ने के लिए कार्यकर्ताओं ने 15 से 25 वर्ष की आयु सीमा तय की हुई है। इस उम्र सीमा के युवा विहिप की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपनी जानकारी भर सकते हैं। लेकिन ये उम्र सीमा सीधे तौर पर महिलाओं के लिए नहीं रखी गई है। बजरंग दल का हिस्सा महिलाएं हैं, लेकिन दल के एक अलग विंग के तौर पर। जी हां! दुर्गा वाहिनी को अकसर बजरंग दल का ही चेहरा माना जाता है। कम आय वाले परिवारों की युवतियों को इस दल में शामिल किया जाता है।
मातृशक्ति के सशक्तिकरण की जरूरत
इस तरह महिलाएं इस शाखा में काम करके एक तरह से बजरंग दल के लिए ही काम कर रही हैं। बताते चलें कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों, मातृशक्ति और आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए महिला वाहिनी का गठन किया गया है। इसमें कई महिलाएं शामिल हैं। विश्व हिंदू परिषद की इस महिला शाखा की शुरुआत साध्वी ऋतम्भरा ने की थी। विहिप के अनुसार महिलाओं को प्रेरित करना और उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रबल बनाना इसका उद्देश्य है।












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