मोदी सरकार में नाबालिग खूंखारों की खैर नहीं, जुवेनाइल कानून में होगा बदलाव

उम्रसीमा का हवाला देकर जुवानाइल अपराधी अपराध करने के बाद माफी मांग लेते थे, लेकिन मोदी सरकार ने इस माफी को खत्म करने का मन बना लिया है। केन्द्रीय कैबिनेट ने किशोर न्याय बोर्ड को शक्ति देने वाले उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसके तहत नाबालिग अपराधियों की आयु सीमा 18 से घटाकर 16 की जानी थी।
सरकार की मंजूरी के बाद इस दिशा में नई पहल शुरु हो गई है। इस बदलाव के साथ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड इस बात का फैसला करेगा कि 16 साल से अधिक आयु का नाबालिग अपराधी जुवेनाइल की श्रेणी में आएगा या फिर उसके खिलाफ नियमित अदालत सुनावाई कर फैसला देगी।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 की गैंगरेप वारदात के बद जुवेनाइल की उम्रसीमा पर विवाद शुरु हो गया था। दिल्ली गैंगरेप के दोषियों में एक नाबालिग था, जिसे जुवेनाइल एक्ट के तहत मात्र तीन वर्ष की सजा ही हो सकी थी। जिसके बाद से नावालिग अपराधियों के उम्र में बदलाव को लेकर बहस छिड़ गई थी।












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