लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में बढ़ेगा महिलाओं का प्रतिनिधित्व, कैबिनेट ने 33% आरक्षण के संशोधन को दी मंजूरी
Women Reservation Bill: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) और एक परिसीमन विधेयक में प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करके तेजी से लागू करना है।
मंत्रिमंडल का यह निर्णय संसद के 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले तीन दिवसीय सत्र से ठीक पहले आया है। पिछले सप्ताह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि यह विशेष सत्र विधेयक के कार्यान्वयन में तेज़ी लाएगा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में बढ़ेगा महिलाओं का प्रतिनिधित्व
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे महिला आरक्षण विधेयक भी कहा जाता है, का उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए कुल सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना है। यह विधेयक महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्या है परिसीमन विधेयक?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परिसीमन विधेयक भी पारित किया है। यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित करता है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 816 होंगी, जिसमें महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित की जाएंगी।
मोदी सरकार की क्या है योजना?
सरकार ने परिसीमन अभ्यास के लिए 2027 की जनगणना का इंतजार करने के बजाय 2011 की जनगणना को आधार बनाने की योजना बनाई है। इसका लक्ष्य विधेयक के कार्यान्वयन की समय-सीमा को तेजी प्रदान करना है, ताकि महिला आरक्षण को जल्द से जल्द प्रभावी बनाया जा सके।












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