पहले से धर्मशाला बन चुके देश में और विदेशियों को लाने की जरूरत नहीं, बोले राज ठाकरे

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मचे बवाल के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। शनिवार को भी इस कानून के खिलाफ देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन देखने को मिले। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मचे बवाल के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है। राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि भारत में बस चुके पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाल देना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि इन लोगों की वजह से देश के ऊपर एक अनावश्यक बोझ बना हुआ है।

'पूरे खेल के लिए अमित शाह को बधाई'

'पूरे खेल के लिए अमित शाह को बधाई'

मीडिया से बात करते हुए राज ठाकरे ने कहा, 'ये प्रवासी पूरे देश में फैले हुए हैं और राज्यों को इनका अतिरिक्त भार उठाना पड़ता है। ये लोग स्थानीय युवाओं की नौकरी छीन रहे हैं। ऐसे प्रवासियों को हर जगह से ढूंढ़कर देश से बाहर निकाल देना चाहिए।' राज ठाकरे ने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, 'मैं इस पूरे खेल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देना चाहता हूं। नागरिकता संशोधन कानून के इस एक कदम से उन्होंने देश का ध्यान आर्थिक संकट से हटाकर दूसरे मुद्दों पर लगा दिया।'

'धर्म के आधार पर नागरिकता क्यों'

'धर्म के आधार पर नागरिकता क्यों'

राज ठाकरे ने कहा, 'मैं जानना चाहता हूं कि क्या वाकई 135 करोड़ की आबादी वाले इस देश में बाहर से और लोगों को लाने की जरूरत है, या फिर भारत शरणार्थियों के लिए एक धर्मशाला बन गया है। मैं ये सोचकर भी हैरान हूं कि क्यों कुछ धर्म के लोगों को नागरिकता देनी चाहिए और कुछ को नहीं देनी चाहिए। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि पहले ये पता लगाया जाना चाहिए कि कितने भारतीय मुसलमान यहां सदियों से रह रहे हैं और कितने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रवासी है और ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालना चाहिए।'

'क्या शरण देने के लिए केवल हम ही बचे हैं'

'क्या शरण देने के लिए केवल हम ही बचे हैं'

एमएनएस के अध्यक्ष ने आगे कहा, 'मेरी समझ नहीं आता कि जब हमारी ही जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा तो हमें और शरणार्थियों को देश में बुलाकर नागरिकता देने की क्या जरूरत है। क्या शरणार्थियों को शरण देने के लिए केवल हम ही बचे हैं? सरकार को सबसे पहले हमारे अपने लोगों की भलाई के लिए कदम उठाने चाहिएं। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ जो लोग प्रदर्शन कर रहे है, क्या सरकार को मालूम है कि इनमें से कितने भारतीय मुसलमान हैं और कितने प्रवासी हैं।'

'पुलिस को सब मालूम है'

'पुलिस को सब मालूम है'

राज ठाकरे ने कहा, 'पुलिस को सब मालूम है, उन्हें पता है कि उनके इलाके में कितने प्रवासी रहते हैं, लेकिन उनके हाथ बंधे हैं। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन नहीं ले सकती। सदियों से यहां रहने वाले भारतीय मुसलमानों के पास डरने की कोई वजह नहीं है, और हमारे स्थानीय (मराठी) मुसलमान देश में जहां भी रहते हैं, वहां कोई गड़बड़ी या समस्या नहीं है।'

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