गलत साबित हुआ केजरीवाल का दावा, उन्हें पता था राजेंद्र कुमार के भ्रष्टाचार के बारे में
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए है। उनके कार्यालय में सीबीआई की छापेमारी के बाद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया है। एक तरफ जहां अरविंद केजरीवाल ने इसे सीबीआई का बेजा इस्तेमाल बताया है तो दूसरी तरह जो दस्तावेज सामने निकलकर आये हैं उनमें साफ होता है कि केजरीवाल को उनके मुख्य सचिव के भ्रष्टाचार के बारे में मई के माह में ही आगाह किया गया था।

भ्रष्टाचार निरोधी पार्दर्शी इंटरनेशन ने केजरीवाल को आधिकारिक पोस्ट के जरिए राजेंद्र कुमार के बारे में जानकारी दी थी। भारत में टीआई के डायरेक्टर आशुतोष शर्मा ने बताया कि उन्हें राजेंद्र कुमार के बारे में शिकायत मिली थी। हालांकि उस वक्त हम शिकायतकर्ता का नाम नहीं बताना चाहते थे और हमने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पोस्ट के जरिए पत्र भेजकर दी थी। लेकिन हमें केजरीवाल की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
वहीं अरविंद केजरीवाल के मीडिया एडवाइजर नागेंद्र शर्मा ने इस मामले के सामने आने के बाद चुप्पी साध रखी है और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है। जो पत्र केजरीवाल को भेजा गया है उसकी प्रति, उपराज्यपाल, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सीवीसी को भी भेजी गयी है। साथ ही इस पत्र में अरविंद केजरीवाल से व्यक्तिगत रूप से दखल देने के कहा गया था और उचित कार्यवाही की बात कही गयी थी।
27 मई 2015 को लिखे गये पत्र में अरविंद केजरीवाल से अपील की गयी थी कि वह इस मामले को संबंधित एजेंसी को देकर इसकी गंभीरता से जांच कराये। गौरतलब है कि राजेंद्र कुमार के कार्यालय में सीबीआई के छापे के बाद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उनका डरपोक और मनोरोगी तक करार दे दिया है।












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