'सुल्ली डील्स' के बाद सामने आया 'बुल्ली बाई' ऐप, फोटो पोस्ट कर मुस्लिम महिलाओं को किया जा रहा था 'नीलाम'
नई दिल्ली, 02 जनवरी। पिछले साल जुलाई में सामने आए 'सुल्ली डील्स' मामले से तो आप वाकिफ होंगे ही। अब छह महीने बाद सोशल मीडिया पर मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ ऐसे ही एक और ऐप का भंडाफोड़ हुआ है। सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें 'बुल्ली बाई' नामक ऐप पर अपलोड की गईं, जिसके बाद कई महिलाओं और उनके परिवार वालों ने पुलिस में इसकी शिकायत की। बता दें कि इस फेक ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड कर उन्हें नीलाम करने की कोशिश की जा रही थी।
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क्या है बुल्ली बाई ऐप?
ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म गिटहब (सॉफ्टवेयर डेवलपर) का इस्तेमाल करते हुए 'बुल्ली बाई' नाम के आपत्तिजनक ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड किए जाने के बाद अब बवाल मच गया है। ऐप पर अपलोड की गई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों में से एक पत्रकार भी हैं। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर दावा किया कि गिटहब पर 'सुल्ली डील्स' की तरह 'बुल्ली बाई' नाम का एक ग्रुप बनाया गया।

मुस्लिम महिलाओं का फूटा गुस्सा
महिला पत्रकार ने यह भी दावा किया गया कि इस ग्रुप या ऐप में मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें उनके सोशल मीडिया अकाउंट से चोरी कर यहां अपलोड की जाती हैं, और लोगों को उनकी 'नीलामी' में भाग लेने का विकल्प दिया जाता है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है, वहीं पुलिस से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा?
उधर, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ऐप बनाने वाले संदिग्ध अपराधी के अकाउंट को गिटहब ने ब्लॉक कर दिया था और पुलिस और कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) मामले की जांच कर रही है। वहीं, गिटहब ने भी ट्वीट करते हुए पुष्टि की है कि उन्होंने संदिग्ध के अकाउंट को रविवार की सुबह ब्लॉक कर दिया था। पुलिस और सीईआरटी के साथ गिटहब भी जांच में सहयोग कर रहा है।

ओवैसी और प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाया मुद्दा
इस मामले पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर पर महिलाओं का समर्थन किया। उन्होंने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मामले का संज्ञान लेने को कहा। ओवैसी ने ट्वीट में कहा, 'शर्मनाक! अधिकारियों की निष्क्रियता ने इन अपराधियों को बेशर्म बना दिया है। अश्विनी वैष्णव और दिल्ली पुलिस से आग्रह है कि वह इस मामले की जांच करें और सख्त कार्रवाई करें।'

क्या था 'सुल्ली डील्स' केस?
4 जुलाई, 2021 को कई ट्विटर यूजर्स ने 'सुल्ली डील्स' नाम के एक ऐप के स्क्रीनशॉट साझा किए, जिसे गिटहब पर एक अज्ञात ग्रुप द्वारा बनाया गया था। ऐप में एक टैगलाइन थी जिस पर लिखा था 'सुल्ली डील ऑफ द डे' और इसे मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों के साथ पोस्ट किया गया था। बता दें कि 'सुल्ली' महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द है। ऐप बनाने वाले अपराधी सोशल मीडिया अकाउंट्स से अवैध रूप से मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें लेते हैं और उन्हें ट्रोल करते हैं। इतना ही नहीं वह तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करते हैं और इंटरनेट पर महिलाओं की 'नीलामी' के लिए बोली लगवाते हैं।
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