बुलंदशहर हिंसा: अखलाक केस की जांच कर रहे थे इंस्पेक्टर सुबोध, जिन्हें भीड़ ने मार डाला
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की बुलंदशहर में गोवंश की अफवाह ने भीड़ को इतना उत्तेजित कर दिया कि एक पुलिस इंस्पेक्टर की भी इसमे मौत हो गई। भीड़ की हिंसा का शिकार हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह 2015 में मॉब लिंचिंग में मौत के घाट उतारे गए अखलाक मामले की जांच कर रहे थे। बुलंदशहर में सोमवार को हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता गोहत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, उस वक्त भीड़ ने पुलिस थाने को ही आगे के हवाले कर दिया

इस घटना के बाद एडीजी आनंद कुमार ने कहा, 'यह स्पष्ट हो चुका है कि हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत हुई है, वे अखलाक लिंचिंग केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर थे।' उत्तर प्रदेश के दादरी में सिंतबर 2015 को भीड़ ने गोहत्या के अफवाह में अखलाक नाम के शख्स की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।'
बता दें कि आज सोमवार को प्रदर्शनकारियों के उग्र होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसके बाद उन्मादी भीड़ की ओर से पुलिस पर हमला कर दिया गया। पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार इसमें घायल हो गए जिनकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई।
इससे पहले एडीजी ने कहा था कि यह हिंसा उस समय भड़की जब एक मैदान में गोवंश के अवशेष मिले जिसे ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर सड़क को जाम कर दिया। इसी बीच विरोध में हिंसा भड़क गई। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठी चार्ज कर स्थिति को कंट्रोल में किया। एडीजी ने कहा कि घटना की एसआईटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जिसकी रिपोर्ट 48 घंटे में देने का निर्देश दिया गया है। एडीजी ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।












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