Budget 2026: 'रिफार्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म', बजट सत्र 2026 से पहले PM Modi का संदेश, संबोधन की खास बातें
Budget Session 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण देश के 140 करोड़ नागरिकों, विशेषकर युवाओं के सपनों और सामर्थ्य का जीवंत दस्तावेज है।
PM ने जोर देकर कहा कि यह संबोधन न केवल विकसित भारत की दिशा तय करता है, बल्कि प्रत्येक सांसद को जनता की अपेक्षाओं और उनके संवैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक भी करता है। पीएम ने विश्वास जताया कि सभी सांसद सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए इन जन-आकांक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

Parliament Budget Session: 140 करोड़ भारतीयों की आवाज
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में भारत के लोगों का भरोसा, क्षमताएं और सपने झलकते हैं। यह अभिभाषण सांसदों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है और उन्हें राष्ट्रहित में निर्णायक कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है। विशेष रूप से युवाओं की उम्मीदें इस अभिभाषण के केंद्र में रहीं, जो आने वाले भारत की रीढ़ हैं।
PM Modi Speech: 21वीं सदी का दूसरा चरण: निर्णायक दौर की शुरुआत
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का पहला एक-चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब दूसरा चरण शुरू हो रहा है। यह दौर भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रतिस्पर्धी चरण की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले वर्षों में लिए गए फैसले देश की दशकों तक दिशा तय करेंगे।
देश की मौजूदा प्रगति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आज का समय व्यवधान का नहीं, बल्कि समाधान का है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता किसी भी तरह के टकराव या बाधा की नहीं, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान की होनी चाहिए। भारत जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसमें हर क्षण की कीमत है।
संसद की भूमिका पर स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री ने संसद की भूमिका को लेकर भी साफ शब्दों में कहा कि आज भूमिका केवल व्यवधान पैदा करने या शिकायत करने की नहीं है। यह समय हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णय लेने का है। देश की जनता संसद से सकारात्मक बहस, ठोस नीतियों और परिणाम देने वाले फैसलों की अपेक्षा कर रही है।
Viksit Bharat 2047: विकसित भारत की नींव बनेगा बजट सत्र 2026
प्रधानमंत्री के अनुसार, बजट सत्र 2026 'विकसित भारत' की यात्रा में एक मजबूत आधार साबित होगा। इस सत्र में लिए जाने वाले फैसले आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन, युवाओं के अवसर और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई मजबूती देंगे। उन्होंने सभी सांसदों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सहयोग और जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया।












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