Budget Session: संसद ने 16 अहम बिलों को दी मंजूरी, ऐतिहासिक रहा इस साल का बजट सत्र, अपने नाम की कई उपलब्धियां!
Parliament Budget Session: संसद का बजट सत्र 2025 शुक्रवार को समाप्त हो गया और इसके साथ ही इस सत्र ने कई अहम उपलब्धियां अपने नाम कीं। 31 जनवरी से शुरू होकर यह सत्र दो हिस्सों में चला और कुल 26 बैठकें हुईं। इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया, जिनमें वक्फ संशोधन विधेयक और आपदा प्रबंधन विधेयक जैसे विधेयक प्रमुख हैं।
दोनों सदनों को मिला कर इस सत्र में कुल 16 विधेयक पारित किए गए। खास बात यह रही कि इस बार लोकसभा की उत्पादकता लगभग 118 प्रतिशत और राज्यसभा की 119 प्रतिशत रही, जो बताता है कि सांसदों ने इस सत्र में पूरी लगन और जिम्मेदारी से काम किया। बजट सत्र के दौरान वित्तीय मामलों से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन तक के मुद्दों पर गंभीर बहस और चर्चा हुई।

राष्ट्रपति का अभिभाषण और धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई। इसके बाद लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर 173 सांसदों ने भाग लिया और 17 घंटे 23 मिनट तक चर्चा चली। राज्यसभा में 73 सांसदों ने अपने विचार रखे और कुल 21 घंटे 46 मिनट तक बहस हुई। प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में चर्चा का जवाब दिया।
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केंद्रीय बजट और मांगों पर चर्चा
1 फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश किया गया। इस पर लोकसभा में 16 घंटे 13 मिनट और राज्यसभा में 17 घंटे 56 मिनट तक चर्चा हुई। रेल, जल शक्ति, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयों की मांगों पर विशेष बहस हुई। शेष मंत्रालयों की मांगों को 21 मार्च को सदन ने मंजूरी दी।
वित्तीय विधेयकों का पारित होना
21 मार्च को लोकसभा ने विभिन्न मंत्रालयों के लिए विनियोग विधेयकों को पारित किया। 25 मार्च को वित्त विधेयक 2025 भी पारित हुआ। राज्यसभा ने 27 मार्च को इन विधेयकों को वापस कर दिया।
मणिपुर से संबंधित विशेष निर्णय
मणिपुर राज्य से जुड़ी अनुदान की अतिरिक्त मांगें, अधिशेष अनुदान और राष्ट्रपति के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत जारी अधिसूचना को भी 3 और 4 अप्रैल को दोनों सदनों ने पारित किया।
प्रमुख विधेयकों पर एक नजर
- वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025: वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पारित हुआ।
- आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2025: राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं को मजबूत करने और शहरी आपदा प्राधिकरण की स्थापना पर केंद्रित।
- "त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक 2025: सहकारी क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए नया विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव।
- आव्रजन और विदेशियों से संबंधित विधेयक 2025: वीज़ा और पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से लाया गया।
- बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2025: बैंकों की निगरानी, ग्राहकों की सुविधा और नामांकन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए।
कुल विधेयकों की संख्या
बजट सत्र 2025 के दौरान कुल 11 विधेयक (लोकसभा में 10 और राज्य सभा में 1) पेश किए गए। लोकसभा द्वारा 16 विधेयक पारित किए गए और राज्यसभा द्वारा 14 विधेयक पारित/वापस किए गए। संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की कुल संख्या 16 है।
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