Budget Session 2022: संसद के समक्ष राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण की प्रमुख बातें
नई दिल्ली, 31 जनवरी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ आज से संसद में बजट सत्र की शुरुआत हुई। सोमवार को राष्ट्रपति कोविंद ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मंच पर राष्ट्रपति कोविंद के साथ मौजूद रहे। कल यानी 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट 2022 पेश करेंगी। बता दें कि आज और कल दोनों सदनों (लोकसभा-राज्यसभा) में कोई शून्यकाल नहीं होगा। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोरोना वायरस महामारी और आजादी के अमृत महोत्सव समेत कई मुद्दों पर अपने विचार प्रकट किए। आइए एक नजर में जानते हैं राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रमुख बातें...

- भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन की शुरुआत कोरोना वायरस की तसरी लहर से की। उन्होंने कहा, कोरोना वायरस से उत्पन्न वैश्विक महामारी का ये तीसरा वर्ष है, इस दौरान हमने भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को और मजबूत होते देखा है।
- स्वतंत्रता सेनानियों को किया याद
राष्ट्रपति ने आगे कहा, मैं देश के उन लाखों स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और भारत को उसके अधिकार दिलाए। आजादी के इन 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने वाले सभी महानुभावों का भी मैं श्रद्धा-पूर्वक स्मरण करता हूं।
- सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज देने वाला भारत
राष्ट्रपति ने कहा, कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत के सामर्थ्य का प्रमाण वैक्सीनेशन प्रोग्राम में नजर आया है। हमने एक साल से भी कम समय में 150 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन डोज़ लगाने का रिकॉर्ड पार किया। आज हम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज देने वाले अग्रणी देशों में से एक हैं।
- हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन सराहनीय
राष्ट्रपति ने कहा, सरकार द्वारा 64 हजार करोड़ रुपए की लागत से शुरू किया गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन एक सराहनीय उदाहरण है। इससे न केवल वर्तमान की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि आने वाले संकटों के लिए भी देश को तैयार किया जा सकेगा। मेरी सरकार की संवेदनशील नीतियों के कारण देश में अब स्वास्थ्य सेवाएं जन साधारण तक आसानी से पहुंच रही हैं। 80 हजार से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और करोड़ों की संख्या में जारी आयुष्मान भारत कार्ड से गरीबों को इलाज में मदद मिली है।
- UPI प्लेटफॉर्म की सफलता
संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति ने कहा, डिजिटल इंडिया और डिजिटल इकॉनमी के बढ़ते प्रसार के संदर्भ में देश के UPI प्लेटफॉर्म की सफलता के लिए मैं सरकार के विजन की प्रशंसा करूंगा। दिसबंर 2021 में देश में 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन UPI के माध्यम से हुआ है।
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- महिला पुलिस-कर्मियों की संख्या दोगुनी
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, मेरी सरकार के नीतिगत निर्णय और प्रोत्साहन से विभिन्न पुलिस बलों में महिला पुलिस-कर्मियों की संख्या में, 2014 के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है।
- शादी की उम्र 21 वर्ष करने पर सरकार की तारीफ
महिला सशक्तिकरण मेरी सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है। बेटे-बेटी को समानता का दर्जा देते हुए मेरी सरकार ने महिलाओं के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर पुरूषों के समान 21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया है। सरकार ने तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित कर समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने की शुरुआत की है। मुस्लिम महिलाओं पर केवल मेहरम के साथ ही हज यात्रा करने जैसे प्रतिबंधों को भी हटाया गया है।
- सस्ते इंटरनेट का नौजवानों को लाभ
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, मेरी सरकार की नीतियों की वजह से आज भारत उन देशों में है जहां इंटरनेट की कीमत सबसे कम है तथा स्मार्ट फोन की कीमत भी सबसे कम है। इसका बहुत बड़ा लाभ भारत की नौजवान पीढ़ी को मिल रहा है।
- भारत सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था
राष्ट्रपति ने कहा, सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। इस वित्त वर्ष के पहले 7 महीनों में 48 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आना, इसका प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के विकास को लेकर आश्वस्त हैं। सरकार की नीतियों की वजह से डिफेंस सेक्टर में, विशेषकर रक्षा उत्पादन में, देश की आत्म-निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
- अफगान मूल के अल्पसंख्यकों की मदद
राष्ट्रपति ने कहा, हमने अनेक चुनौतियों के बावजूद, हमारे कई नागरिकों और कई अफगान-हिन्दू-सिख-अल्पसंख्यकों को काबुल से सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया। इसके लिए भारत ने 'ऑपरेशन देवी शक्ति' को संचालित किया।
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