Budget 2024: कैसे यूपी की वजह से बिहार की लगी लॉटरी? उत्तर प्रदेश को क्या मिला?
Aam Budget 2024: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट पर लोकसभा के चुनाव परिणामों का असर साफ नजर आ रहा है। एनडीए को इस बार उत्तर प्रदेश में काफी निराशा हाथ लगी है, इसके चलते उत्तर प्रदेश से जुड़ी कोई खास घोषणा देखने को नहीं मिली है।
इसके ठीक उलट बिहार के लिए आम बजट में जिस तरह की घोषणाएं की गई हैं, उससे लगता है कि उसे यूपी में लोकसभा चुनावों में बीजेपी और एनडीए के निराशाजनक प्रदर्शन का लाभ मिला है।

आम बजट में यूपी को क्या मिला?
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार के बजट को विकास वाला और देश के 140 करोड़ लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप बताया है। उन्होंने कहा, '...इस आम बजट में विकास की असीमित क्षमता है। इस बजट में किसानों की समृद्धि के लिए 1,52,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा दिया गया है। इससे निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश को मदद मिलने जा रहा है.....बजट में टैक्स का जो नया स्लैब घोषित किया गया है, वह स्वागतयोग्य है।'
बिहार के लिए खोल दिया खजाना
जहां तक बिहार की बात है तो वहां सिर्फ एक्सप्रेसवे और हाइवे प्रोजेक्ट के लिए 26,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह फंड तीन एक्सप्रेसवे के लिए है। बक्सर में गंगा पर एक नया पुल भी बनाया जाएगा।
21,400 करोड़ रुपए की लागत से पिरपैंती में 2,400 मेगा वॉट के पावर प्रोजेक्ट लगाने की भी घोषणा की गई है। वहां नए एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का भी एलान किया गया है।
नदी प्रदूषण नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए भी 11,500 करोड़ रुपए दिए गए हैं और बाढ़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की घोषणा की गई है। गया में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी एलान किया गया है।
वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर गया में विष्णुपद मंदिर और बोधगया में महाबोधि मंदिर कॉरिडोर बनाए जाने की भी घोषणा की गई है। वहीं हिंदुओं, बौद्ध और जैनों के लिए राजगीर के प्राचीन और धार्मिक महत्त्व को देखते हुए उसके विकास पर भी जोर दिया गया है।
नालंदा पहले ही पर्यटन केंद्र है और उसे और विकसित करने का एलान किया गया है।
यूपी में लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन का असर!
दरअसल, इस बार बीजेपी को लोकसभा चुनाव में सिर्फ 240 सीटें मिली हैं और वह बहुमत के जादुई आंकड़े से 32 सीटें पीछे रह गई है। 2019 में बीजेपी को 303 सीटें मिली थीं, जिसमें उत्तर प्रदेश की 62 सीटों का बहुत बड़ा योगदान था। लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा की सीटें घटकर 33 रह गई हैं। मतलब, उसे 29 सीटों का नुकसान हुआ है, जिसने उसे बहुमत से दूर रखने में बड़ी भूमिका निभाई है।
मोदी सरकार को बिहार से 18 गैर-भाजपाई सांसदों का समर्थन
वहीं, जहां तक बिहार की बात है तो वहां भी भाजपा की सीटें 17 से घटकर 12 रह गई हैं। लेकिन, वहां उसके सहयोगी जेडीयू को 12, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 5 और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) को 1 सीट मिली है। बीजेपी के सहयोगी दलों के इन्हीं 18 सांसदों के समर्थन ने केंद्र में तीसरी बार मोदी सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विशेष राज्य का दर्जा मांग रही थी जेडीयू
नीतीश कुमार और चिराग पासवान की पार्टियों की ओर से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की बात की जा रही थी, लेकिन वह नहीं होने पर वे विशेष पैकेज की भी मांग कर रहे थे। बजट घोषणाओं में नालंदा और मगध क्षेत्र पर खास फोकस है। इसमें नालंदा नीतीश कुमार का गृह जिला है और गया (मगध) जीतन राम मांझी का। वैशाली इलाके में एक्सप्रेस की घोषणा की गई है, वहीं के हाजीपुर से चिराग सांसद हैं।
बजट में बिहार के लिए घोषणाओं की झरी लगने के बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा, 'हमने हमेशा कहा है कि अगर विशेष दर्जा देने में दिक्कत है तो बिहार को विशेष सहायता जरूर मिले। बहरहाल, आज के बजट में उन मुद्दों पर ध्यान दिया गया है, जो हमारे नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उठाया था।'












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