Budget 2024: मुफ्त अनाज योजना से ही होगा चुनावी बेड़ा पार, कैसे यह 170 योजनाओं पर पड़ी भारी?
Budget highlights 2024 Hindi: मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के लिए अंतरिम बजट में 2.05 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है, जो सरकार की 170 कल्याणकारी योजनाओं में सबसे ज्यादा है।
'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' की शुरुआत पहली बार तीन महीनों के लिए ही की गई थी। तब इसे कोविड महामारी के दौरान लॉकडाउन के बाद जून, 2020 तक चलना था। लेकिन, उसके बाद से इस योजना को लगातार विस्तार मिलता गया है।

अगले पांच साल जारी रहेगी मुफ्त अनाज योजना
पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' का विस्तार 1 जनवरी, 2024 से अगले 5 साल के लिए करने का फैसला किया।
81.35 करोड़ लाभार्थियों पर नजर
इस योजना का लाभ लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थियों को मिल रहा है। इसपर अगले पांच वर्षों में करीब 11.80 लाख करोड़ रुपए लागत आएगी। इस योजना का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, 2013 (NFSA) के तहत राशन कार्डधारियों को मिलता है।
एनएफएसए को कम कीमत पर खाद्यान उपलब्ध करवाने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने लागू किया था। क्योंकि, अब पीएमजीकेएवाई को पांच साल के लिए लागू कर दिया गया है, इसलिए सरकार ने एनएफएसए का इसके साथ विलय कर दिया है।
साल 2023-24 के बजट में एनएफएसए के तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) की खाद्य सब्सिडी करीब 1.97 करोड़ रुपए की थी। मोदी सरकार ने चुनावी साल में जहां मुफ्त अनाज योजना का आवंटन बढ़ाया है, वहीं अन्य योजनाएं इससे पिछड़ गई हैं।
कई योजनाओं पर आवंटन घटा
जैसे मनरेगा (MGNREGA) के लिए साल 2024-25 के लिए भी 86,000 करोड़ रुपए का ही बजट अनुमान रखा गया है, जो पिछल वित्त वर्ष की ही तरह है। इसी तरह पोषक तत्व आधारित सब्सिडी ( nutrient-based subsidy) जो साल 2023-24 के संशोधित अनुमानों में 60,300 करोड़ रुपए की है, साल 2024-25 में 45,000 करोड़ रुपए की रह गई है।
वहीं यूरिया सब्सिडी का भी संशोधित अनुमान साल 2023-24 के लिए 1.28 लाख करोड़ रुपए की है, लेकिन 2024-25 में यह 1.19 करोड़ रुपए कर दी गई है।
कोविड महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन की सुविधा वाली गारंटी दी थी। साल 2023-24 में इसका संशोधित अनुमान 14,000 करोड़ रुपए है। लेकिन, साल 2024-25 के बजट में इसके लिए 10,163 करोड़ रुपए ही आवंटित की गई है।
सड़क कार्यों के लिए साल 2024-25 में 1.09 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान में इसके लिए 1.08 लाख करोड़ का खर्च अनुमानित है।
इसी तरह एनएचएआई के लिए साल 2024-25 में 1.68 लाख करोड़ रुपए आवंटित की गई है। चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमानों के हिसाब से इसपर 1.67 लाख रुपए खर्च होगी।












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