Budget 2019: रक्षा क्षेत्र को इस बार मोदी सरकार ने दिया 3 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट
नई दिल्ली। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए इस सरकार का अंतरिम बजट शुक्रवार को पेश किया। इस बार का बजट चुनावों को ध्यान में रखते हुए होने वाला था, इस बात का अंदाजा पहले से था। लेकिन इसके बाद भी देश के डिफेंस सेक्टर को बजट से क्या-क्या मिलेगा, इस पर भी रक्षा जानकारों ने सुबह से नजरें बनाई रखी थीं। पीयूष गोयल ने इस वर्ष के बजट में रक्षा क्षेत्र को तीन लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम दी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया सरकार ने पिछले 40 वर्षों से अटके वन रैंक वन पेंशन यानी ओआरओपी के वादे को भी पूरा किया है।

OROP के लिए 35,000 करोड़ रुपए
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में रक्षा बजट पेश करते हुए कहा, 'हमारे सैनिक हमारा सम्मान हैं। पहली बार हमारा रक्षा बजट तीन लाख करोड़ से बढ़ाया गया है और इसके साथ ही अतिरिक्त फंड भी दिया जाएगा।' यह रकम अब तक के बजट में रक्षा क्षेत्र को मिली सबसे ज्यादा रकम है। इसके बाद उन्होंने ओआरओपी पर कहा, 'वन रैंक वन पेंशन जो पिछले पिछले 40 वर्षों से अटका हुआ था, हमारी सरकार ने उसको लागू किया है।'सरकार की ओर से ओआरओपी के लिए 35,000 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। इसके साथ ही साथ वित्त मंत्री मिलिट्री सर्विसेज में सैलरी हाइक की बात भी इस बजट में कही है। पीयूष गोयल ने कहा कि बॉर्डर्स पर सुरक्षा व्यवस्था को मजूबत करने के मकसद से रक्षा बजट में इजाफा कर रही है।
बजट की रकम सार्वजनिक होना बंद
सरकार ने साल 2018-2019 में रक्षा बजट 2 लाख 95 करोड़ तय किया था। सरकार ने रक्षा बजट कितना तय किया है उस रकम का खुलासा वित्त मंत्री ने सदन में नहीं किया। सरकार ने साल 2016 के बजट के साथ ही एक नई परंपरा भी शुरू की। सरकार की ओर से रक्षा बजट में कितनी रकम तय की गई है, इस पर कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है। साल 2016 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली की इस गुगली से रक्षा विशेषज्ञ काफी हैरान हुए थे। देश के इतिहास में यह पहला मौका था जब सरकार ने बजट में रक्षा के लिए कितना खर्च या कितनी रकम तय की गई है, इस बारे में कोई ऐलान नहीं किया।












Click it and Unblock the Notifications