मायावती ने 15 करोड़ के नए घर में किया गृह प्रवेश, अंदर से कैसा है नया बंगला, देखिए तस्वीरें
बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को आखिरकार अपने नए घर में प्रवेश कर लिया। रविवार को उन्होंने अपने नए घर में मीडिया के साथ पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी। मायावती ने ये आलीशान बंगला साल 2010 में खरीदा था, जिसमें वो सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद शिफ्ट हो रही हैं।
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लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को आखिरकार अपने नए घर में प्रवेश कर लिया। रविवार को उन्होंने अपने नए घर में मीडिया के साथ पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी। मायावती ने ये आलीशान बंगला साल 2010 में खरीदा था, जिसमें वो सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद शिफ्ट हो रही हैं। देश की उच्चतम अदालत ने अखिलेश यादव, मायावती समेत नेताओं को सरकारी आवास खाली करने के लिए कहा था। पत्थर से बने इस घर की कीमत 15 करोड़ है। इसके लिए मायावती ने भाजपा को धन्यवाद कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था घर खाली करने का आदेश
मायावती इससे पहले 13, मॉल एवेन्यू में रह रही थीं। सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत 6 नेताओं को सरकारी आवास खाली करने के लिए कहा था। इसके बाद मायावती को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते मिला अपना 6 , लाल बहादुर शास्त्री मार्ग खाली करना पड़ा था।

71 हजार स्कॉयर फीट में बना है घर
इसके बाद करीब साढ़े तीन महीने बाद अपने नए घर में शिफ्ट हो गई हैं। मायावती का नया पता 9, मॉल एवेन्यू है। 15 करोड़ की कीमत का बसपा प्रमुख का ये नया घर काफी आलीशान है। ये घर 71,000 स्कायर फीट में फैला है और लाल और सफेद पत्थर से बनाया गया है। ये वही पत्थर हैं जो बीएसपी शासन के दौरान बनाए गए दलित स्मारकों और पार्कों में इस्तेमाल किए थे। इस घर में मायावती की मूर्ति भी लगाई गई है।

घर के अंदर लगवाईं खास तस्वीरें
इस भव्य बंग्ले के अंदर दलित आंदोलन और मायावती के कार्यकाल के दौरान की कई तस्वीरें भी लगाई गईं हैं। एक तस्वीर में मायावती मुख्यमंत्री पद कई शपथ लेती हुई दिख रही हैं। घर के बीचोंबींच एक गुंबद भी है। मायावती ने अपने इस नए घर के लिए भाजपा का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि ये घर आज भाजपा की वजह से ही बन पाया है। 'पहली बार सरकार भाजपा के साथ बनी थी।'

भाजपा को दिया घर का श्रेय
मायावती ने आगे कहा, 'जब मुझे लगा कि वो हमारा फायदा उठा रही है तो मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अटल जी तब प्रधानमंत्री थे। हमें पूरे देश में चुनाव लड़ने को कहा जिसे हमने मना कर दिया। इसके बाद मुझे फर्जी ताज कॉरिडोर में फंसाया गया।' बसपा प्रमुख ने कहा कि इसके बाद शुभचिंतकों ने उन्होंने तोहफे और पैसे भेजे थे, जिससे आज ये मकान संभव हो सका है। 'न भाजपा मुझे फंसाती, न लोग चंदा भेजते और न ये घर बन पाता।'















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