BSF वेस्टर्न कमांड ने इस साल सीज किए 250 अवैध ड्रोन, अकेले 242 इस राज्य में बरामद हुए
Chandigarh: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की पश्चिमी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक सतीश एस खंडारे ने पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से संबंधित सुरक्षा मुद्दों पर बात की है। चंडीगढ़ में बीएसएफ के 60वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने खुलासा किया कि इस साल पश्चिमी कमान में 250, खास तौर पर पंजाब में 242 ड्रोन की रिकॉर्ड जब्ती हुई है। उन्होंने इन घुसपैठों के लिए पाकिस्तान के अस्थिरता पैदा करने के प्रयासों को जिम्मेदार ठहराया।
बीएसएफ अनधिकृत ड्रोन को बेअसर करने के लिए उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करके इन खतरों का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रहा है। खंडारे ने घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत करने के लिए एक नई बाड़ डिजाइन की योजना की भी घोषणा की। कमजोर सीमा क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी के लिए पीटीजेड कैमरे,सीसीटीवी और 24x7 कमांड सेंटर जैसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

पिछले एक साल में बीएसएफ ने भारी मात्रा में मादक पदार्थ (663 किलोग्राम)और हथियार (69) जब्त किए हैं। साथ ही भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के 275 लोगों को पकड़ा है। उन्होंने छह घुसपैठियों को भी मार गिराया है। खंडारे ने बीएसएफ के व्यापक कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें पांच सीमाओं: कश्मीर, जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में लगभग 2,300 किलोमीटर की अंतर्राष्ट्रीय सीमा और 390 किलोमीटर की नियंत्रण रेखा की सुरक्षा करना शामिल है।
खंडारे ने सीमा पर मुश्किल मौसम की स्थिति के कारण बीएसएफ के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर भी ध्यान खींचा। इनमें जम्मू-कश्मीर में ठंड से लेकर गुजरात और राजस्थान में भीषण गर्मी तक शामिल है। पंजाब में ड्रोन खतरों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ड्रोन को जाम करने,गश्त बढ़ाने और पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने जैसी रणनीतियां अपनाई गई हैं।
सीमा सुरक्षा में प्रौद्योगिकी का एकीकरण बीएसएफ के लिए महत्वपूर्ण है। खंडारे ने कमजोर क्षेत्रों की बेहतर निगरानी और जम्मू-कश्मीर जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में सीमाओं के प्रबंधन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अपनाने के लिए चल रहे प्रयासों का जिक्र किया। बीएसएफ घुसपैठ के प्रयासों का पता लगाने में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एआई और अन्य तकनीकी प्रगति का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस सम्मेलन में बीएसएफ (ऑपरेशन) के आईजी ओम प्रकाश उपाध्याय और बीएसएफ के डीआईजी रैंक के अधिकारी मनोज कार्की ने भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों के साथ तालमेल बिठाते हुए भारत की सीमाओं की सुरक्षा के लिए बल के सामूहिक प्रयास को रेखांकित किया।
खंडारे ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान की हरकतों का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ को बढ़ावा देकर तथा पंजाब और राजस्थान में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करके भारत की सुरक्षा स्थिति को अस्थिर करना है। बीएसएफ इन खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सतर्कता और रणनीतिक उपायों को बढ़ा रही है।












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