अखनूर सेक्टर में पाक सेना की फायरिंग में BSF का जवान घायल
जम्मू के अखनूर इलाके में बुधवार को पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की गई है। इस गोलीबारी में बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम समझौते के बावजूद पाक सेना की ओर से युद्ध विराम का उल्लंघन किया गया है। बीएसएफ ने गोलीबारी का जवाब दिया। हालांकि पाकिस्तानी पक्ष में हताहतों की संख्या का तुरंत पता नहीं चला है।
बीएसएफ ने एक बयान में कहा, "11 सितंबर 2024 को लगभग 02:35 बजे, अखनूर इलाके में सीमा पार से बिना उकसावे के गोलीबारी की घटना हुई और जिसका बीएसएफ ने मुंहतोड़ जवाब दिया। पाक गोलीबारी में बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया। जवान हाई अलर्ट पर हैं।"

युद्धविराम उल्लंघन और सुरक्षा उपाय
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम उल्लंघन कम ही हुआ है, क्योंकि दोनों देशों ने 25 फरवरी, 2021 को अपने संघर्ष विराम समझौते को नवीनीकृत किया था। हालांकि, पिछले साल रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा एक बीएसएफ जवान की हत्या कर दी गई थी। पिछले जो तीन वर्षों में भारत की ओर से पहली बार किसी जवान ने जान गंवाई थी।
पाकिस्तान की ओर से यह युद्धविराम का उल्लंघन ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू कश्मीर में तीन चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है। 18 सितंबर को यहां पहले चरण का चुनाव होना है। इसके बाद 25 सितंबर और 1 अक्तूबर को मतदान होगा।
खास तौर पर जून के बाद से जम्मू में आतंकी हमलों में वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने इन चुनावों से पहले अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है। रिपोर्ट के अनुसार इस साल मार्च और अप्रैल के बीच लगभग 60 से 80 आतंकवादियों ने इस क्षेत्र में घुसपैठ की है।
पाकिस्तान द्वारा भारत में और अधिक आतंकवादियों को घुसाने के प्रयासों ने सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने के लिए प्रेरित किया है। चुनावों की तैयारी के लिए, लगभग 450 अतिरिक्त कंपनियों को चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किया गया है।
बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह ने 22 अगस्त को सुरक्षा समीक्षा के लिए जम्मू सीमा का दौरा किया। केंद्र सरकार ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए शुरू में भेजी गई अर्धसैनिक बलों की करीब 450 कंपनियों को भी अपने पास बरकरार रखा है।
जम्मू के अरनिया सेक्टर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा बलों की गश्त जारी रहने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अलर्ट बढ़ाने का उद्देश्य आगामी चुनावों के दौरान आगे की घटनाओं को रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हाल की घटनाएं सीमा पर शांति बनाए रखने के प्रयासों के बावजूद जारी तनाव को रेखांकित करती हैं। अब ध्यान इस महत्वपूर्ण चुनाव अवधि के दौरान मतदाताओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर है।












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