उत्तर बंगाल में BSF ने बचाई दुर्लभ 'टोके गेको' छिपकली, सीमा पर तस्करी के खिलाफ चलाया खास अभियान
BSF seizes Tokay Gecko: भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक अहम ऑपरेशन के तहत उत्तर बंगाल फ्रंटियर की सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के उत्तर अगरा गांव से टोके गेको (Tokay Gecko) नामक एक दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति की छिपकली को बचाया है।
यह कार्रवाई 26 जून 2025 को 79वीं बटालियन, रायगंज सेक्टर की टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर की गई। जवानों ने सीमा बाड़ के पास एक बॉक्स में छुपाकर रखी गई करीब 10 इंच लंबी टोके गेको छिपकली को बरामद किया।

टोके गेको (Gekko gecko) वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अनुसूची-1 (Schedule I) में सूचीबद्ध एक उच्च संरक्षित प्रजाति है। यह अपनी चमकदार त्वचा, रात्रिचर स्वभाव और एशिया के कुछ हिस्सों में अंधविश्वास व अप्रमाणित औषधीय उपयोग के कारण अवैध व्यापार में अत्यधिक मूल्य की मानी जाती है।
बरामदगी के तुरंत बाद, BSF ने इस दुर्लभ प्रजाति को वन विभाग को सौंप दिया ताकि उसकी देखभाल और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
वन्यजीव तस्करी का संवेदनशील ज़ोन बनता उत्तर बंगाल
BSF द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2024 से मई 2025 के बीच उत्तर बंगाल और आस-पास की सीमाओं पर 400 से अधिक कछुए, 200 रेत बोआ सांप, 279 कबूतर, 186 विदेशी पक्षी और एक तेंदुए का शावक भी तस्करों से बरामद किए गए हैं।
BSF की दोहरी जिम्मेदारी: सीमा की सुरक्षा और प्रकृति की रक्षा
यह ऑपरेशन BSF की इस प्रतिबद्धता को दिखाता है कि वह केवल देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की पारिस्थितिक धरोहर की रक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
BSF ने सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी वन्यजीवों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत BSF पोस्ट या वन विभाग को सूचित करें।












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