अमित शाह का बड़ा ऐलान: 2027 से शुरू होगा ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’, घुसपैठियों पर होगी सख्त कार्रवाई
BSF Alankaran Ceremony Amit Shah Major Announcement: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (22 मई) को नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान के दौरान देश की सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि भारत अब अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए हाईटेक तकनीकों का इस्तेमाल करेगा और घुसपैठ के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' की नीति अपनाई जाएगी।
अमित शाह ने ऐलान किया कि साल 2027 तक 'स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट' शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत सीमाओं पर आधुनिक तकनीक, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, सेंसर और AI आधारित निगरानी तंत्र लगाए जाएंगे ताकि किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ को तुरंत रोका जा सके। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ सीमा सुरक्षा को भी टेक्नोलॉजी के हिसाब से मजबूत बनाना जरूरी हो गया है।

बीएसएफ की बहादुरी का सम्मान
समारोह में अमित शाह ने बीएसएफ के उन जवानों को सम्मानित किया, जिन्होंने देश की सेवा में उत्कृष्ट कार्य किया। उन्होंने कहा कि ये अलंकरण बीएसएफ कर्मियों की राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा और पूर्ण समर्पण का प्रतीक हैं।
शाह ने याद दिलाया कि 1965 के युद्ध के बाद सीमा सुरक्षा में आई खामियों को देखते हुए पद्म विभूषण के.एफ. रुस्तमजी के नेतृत्व में बीएसएफ की स्थापना हुई थी। आज यह बल दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन चुका है, जिसमें करीब 2.7 लाख जवान सेवा दे रहे हैं।
2027 में शुरू होगा 'स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट'
अमित शाह ने सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मोदी सरकार अगले वर्ष यानी 2027 में स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस परियोजना के तहत ड्रोन, आधुनिक रडार, हाई-टेक कैमरे, सेंसर और अन्य उन्नत तकनीकों से लैस एक अभेद्य सीमा सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा, 'वह युग अब समाप्त हो गया है जब सीमा पर पुरानी व्यवस्था से काम चलता था। अब हम प्रौद्योगिकी आधारित स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड बना रहे हैं।'
घुसपैठ पर शून्य सहनशीलता
गृह मंत्री ने साफ कहा कि मोदी सरकार घुसपैठ को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
- भारत में किसी भी तरह के अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन बनाने की घोषणा की है, जिसकी समिति जल्द गठित हो जाएगी।
- हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से बाहर निकाला जाएगा।
अमित शाह ने विशेष रूप से त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल पर फोकस करते हुए कहा कि इन राज्यों की सरकारें घुसपैठ रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बीएसएफ को निर्देश दिया कि वह जिला प्रशासन, पुलिस स्टेशन, पंचायतों और पटवारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करे।
नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ पर फोकस
शाह ने कहा कि मोदी सरकार की सुरक्षा नीति समस्याओं को सिर्फ नियंत्रित नहीं करती, बल्कि उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकती है। नक्सलवाद को लगभग समाप्त करने के बाद अब घुसपैठ को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य है।
उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और हालिया ऑपरेशनों का जिक्र करते हुए कहा कि 'आतंकवादियों पर बातचीत का दौर खत्म हो गया है। अब मोदी सिद्धांत है - निर्णायक जवाब।'
नई चुनौतियों का सामना
अमित शाह ने आधुनिक खतरों 'साइबर हमले, हाइब्रिड युद्ध और ड्रोन आधारित तस्करी' का जिक्र करते हुए कहा कि बीएसएफ को इनसे निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी। राज्य पुलिस, CAPF, NCB और इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय जरूरी है।
CAPF जवानों के कल्याण पर बड़ा ऐलान
गृह मंत्री ने घोषणा की कि अगले दो महीनों के अंदर केंद्र सरकार सभी CAPF कर्मियों (BSF, CRPF, CISF आदि) और उनके परिवारों के कल्याण के लिए एक बड़ा कार्यक्रम शुरू करेगी।
बीएसएफ की उपलब्धियां और भविष्य
- बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी किया गया।
- वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों का विकास।
- मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान में बीएसएफ की अहम भूमिका।
अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ का 60वां वर्ष स्मार्ट बॉर्डर और जवानों के कल्याण का वर्ष होगा।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
अमित शाह का यह भाषण मोदी सरकार की सीमा सुरक्षा नीति का साफ संकेत है। घुसपैठ, ड्रोन तस्करी और जनसांख्यिकीय परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की आक्रामक रणनीति अब और सख्त होने वाली है। स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के साथ भारत की सीमाएं टेक्नोलॉजी से लैस होकर अभेद्य बनेंगी।













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