तेलंगाना विधान सभा चुनाव में वोट शेयर बढ़ाने के लिए बीआरएस दलबदलुओं पर है निर्भर
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 का बिगुल बज चुका है सत्तारूढ़ पार्टी सत्ता में वापसी करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। बीआरएस उन निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी पार्टी का मतदान प्रतिशत बढ़ाने का हर प्रयास कर रही है जहां पर विपक्षी पार्टी से उसका करीबी मुकाबला होने की संभावना है। हर वोट मायने रखता है इस रणनीति के तहत बीआरएस दलबदलुओं को शामिल कर रही है। बीआरएस में शामिल होने वाले ये नेता कांग्रेस और भाजपा के असंतुष्ट नेता हैं।

जनगांव के पूर्व मंत्री और पूर्व पीसीसी प्रमुख पोन्नाला लक्ष्मीया, जो एक प्रसिद्ध बीसी नेता है जो केसीआर की बीआरएस में शामिल हो चुके हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार बीआरएस में शामिल हुए अन्य दलों के नेताओं के आने से कम पार्टी को कम से कम 5,000 से 10,000 अतिरिक्त वोट हासिल करने की उम्मीद है, जो सीटें जीतने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। बीआरएस बाहें खोलकर अन्य दलों के सरपंचों से लेकर पूर्व मंत्रियों के स्तर के नेताओं का स्वागत कर रहा है।
वहीं महबूबनगर के बीआरएस ने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नागम जनार्दन रेड्डी और तीन बार के विधायक और मुदिराज नेता एर्रा शेखर को बीआरएस में शामिल हो गए दोनों नेताओं की उनके क्षेत्रों में उनकी अच्छी पकड़ है। बीआरएस को उनके वोट बैंक में सेंध लगाने की उम्मीद है।
वहीं बीआरएस के मौजूदा एमएलसी के दामोदर रेड्डी और के नारायण रेड्डी को कांग्रेस में शामिल हुए जिसके बाद बीआरएस ने कुछ कांग्रेस नेताओ को अपनी पार्टी में शामिल करके अपने नुकसान की भरपाई कर ली है।
हैदराबाद में बीआरएस ने पूर्व सीएलपी नेता पीजेआर के बेटे पी विष्णुवर्धन रेड्डी को टिकट देकर मैदान में उतारा है। पीजेआर हैदराबाद में लगभग 55 वर्षों तक कांग्रेस में रहे और सेवा की।
पार्टी को अभी उम्मीद है कि पीजेआर समर्थक खैरताबाद, जुबली हिल्स और सेरिलिंगमपल्ली विधानसभा क्षेत्रों में विष्णुवर्धन रेड्डी के साथ बीआरएस में जा सकते हैं।
वहीं उम्पल में पार्टी पार्षद शिरीषा और उनके पति और टीपीसीसी अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी के प्रबल समर्थक सोमशेखर रेड्डी को अपने खेमे में लाने में कामयाब रही।
इसके अलावा अन्य कई निर्वाचन क्षेत्र है जहां पर बीआरएस में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के शामिल होने से बीआरएस को वोट प्रतिशत में इजाफा होने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications