उत्तराखंड: चीन बॉर्डर के करीब BRO ने सिर्फ 3 हफ्तों में तैयार किया 180 फीट ऊंचा नया पुल
देहरादून। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने उत्तराखंड में एक नया मुकाम हासिल किया है। यहां पर सिर्फ तीन हफ्तों के अंदर ही 180 फीट ऊंचे बेली ब्रिज का निर्माण बीआरओ ने किया है। भारी बारिश और भूस्खलन के बीच तैयार यह पुल रणनीतिक तौर पर काफी अहम है क्योंकि यह चीन से सटी सीमा को जोड़ता है। इस पुल का निर्माण पिथौरागढ़ जिले के जाउलजिबी सेक्टर में हुआ है। आपको बता दें कि उत्तराखंड में चीन बॉर्डर के करीब स्थित इलाकों में बीआरओ तेजी से निर्माण कार्यों को पूरा करने में लगी हुई है।

बादल फंटने की वजह से ध्वस्त हुआ था पुल
27 जुलाई को जाउलजिबी इलाके में 50 मीटर लंबा कंक्रीट का पुल बादल फंटने की वजह से पूरी तरह से खत्म हो गया था। जो नया पुल निर्मित हुआ है वह 20 गांवों के 15,000 लोगों को तो दूसरे हिस्सों से जोड़ेगा ही और साथ ही सेना के लिए भी मददगार साबित होगा। इस पुल की वजह से सेना की बॉर्डर तक आवाजाही और आसान हो सकेगी। जाउलजिबी मुनस्यारी में पुल के खत्म हो जाने से सेना को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। बीआरओ के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी बेली ब्रिज के हिस्सों को पिथौरागढ़ जिले से निर्माण वाली जगह तक लाना। भारी बारिश के बीच भी बीआरओ ने इस चुनौती को पूरा करने में सफलता हासिल की।
बहुत जरूरी था इस पुल का बनना
16 अगस्त को बीआरओ ने नए पुल के निर्माण के साथ ही जाउलजिबी और मुनस्यारह के बीच कनेक्टिविटी को बहाल किया। इस पुल की वजह से 20 गांव फिर से आपस में जुड़ सकेंगे। यह नया बेली ब्रिज जाउलजिबी से मुनस्यारी तक करीब 66 किलोमीटर के रास्ते पर सड़क संपर्क के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। नए पुल की वजह से गांवों तक जरूरी सामान आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। बीआरओ ने हर चुनौती को पूरा करते हुए भी इस निर्माण को पूरा किया है।












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