India-China Border Tension: ब्रिटेन ने कहा- संवाद बनाए रखें भारत-चीन , हिंसा किसी के हित में नहीं है
नई दिल्ली। लद्दाख में चीन सीमा (एलएसी) पर सोमवार की रात गल्वान घाटी के पास हुए हिंसक झड़प में एक कर्नल समेत देश के 20 जवान शहीद हो गये। सूत्रों के मुताबिक, चीन की सेना को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सीमा पर तनाव के बीच रक्षा मंत्री, तीनों सेना प्रमुखों के साथ अहम बैठक कर रहे हैं। इसी बीच भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प पर ब्रिटिश उच्चायोग का बयान सामने आया है। ब्रिटेन ने मामले को बातचीत से हल करने के लिए कहा है।

भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर हुई हिंसक झड़प पर बोलते हुए ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा है कि इस तरह की चीजें डराने वाली है। ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा हम भारत और चीन को सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत से हल निकालने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हिंसा किसी के हित में नहीं है। लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के बाद देश भर में चीन को लेकर गुस्सा है।
भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी तनाव पर अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने कहा है कि वह लद्दाख सीमा पर जारी इस तनाव की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। समाचार एजेंसी एएनआइ से बात करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि हम वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) के पास भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीनों सेना प्रमुखों(सेना, नौसेना और वायु सेना) और रक्षा कर्मचारियों के प्रमुखों के साथ एक बैठक की है। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर भी विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी बात की है। सूत्रों ने कहा कि 15-16 जून की रात को हुई झड़प में चीन को भारी संख्या में नुकसान का सामना करना पड़ा है। जो सैनिक इस झड़प का हिस्सा थे उन्होंने चीनी हताहतों की संख्या के बारे में बताया। सूत्रों ने कहा, मारे गए और घायल दोनों हताहतों की सही संख्या बताना मुश्किल है लेकिन संख्या 40 से अधिक होने का अनुमान है।












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