ब्रेड-बिस्कुट के और बढ़ सकते हैं दाम, मैदा करेगा चाय से दूर!
नई दिल्ली, 29 जुलाई: आने वाले दिनों में ब्रेड-बिस्कुट के दामों में और भी इजाफा हो सकता है। इसके पीछे है मैदा की बढ़ती हुई मांग, जिसकी कीमतों में काफी बढ़ोतरी होने लगी है। सबकुछ सिलसिलेवार तरीके से हो रहा है। पहले गेहूं की कीमतें बढ़नी शुरू हुईं। फिर उसकी चपेट में आटा आया और अब मैदा भी महंगा हो रहा है। ब्रेड-बिस्किट और तमाम बेकरी प्रोडक्टस में रॉ मटेरियल के रूप में मुख्यतौर पर मैदा ही उपयोग होता है, जिसके चलते ब्रेड-बिस्किट निर्माता बढ़ती कीमतों का बोझ उपभोक्ताओं की ओर खिसकाने की तैयारियों में जुट गए हैं।

मैदा होने लगा महंगा, ब्रेड-बिस्किट मिलना भी होगा मुश्किल
आम आदमी को महंगाई की एक और बड़ी मार पड़ने की आशंका बढ़ गई है। शहरों में एक बड़ी आबादी चाय के साथ ब्रेड-बिस्कुट को ही अपना आहार बनाकर काफी समय तक काम चला लेती है। गांवों में भी अब इन चीजों की खपत बढ़ चुकी है। लेकिन, हैरानी नहीं होनी चाहिए कि एक बार कंपनियां फिर से इन चीजों पर भी बढ़ी हुई कीमतें वसूलना शुरू कर दें। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह ये सामने आ रही है कि यूक्रेन-रूस के बीच लड़ाई के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में मैदे की कीमत बढ़नी शुरू हो गई हैं। ब्रेड और बिस्कुट बनाने में मैदे की खपत सबसे ज्यादा है।

पंजाब में करीब 300 रुपये क्विंटल महंगा हुआ मैदा
हमने पहले भी एक रिपोर्ट में बताया था कि इंदौर में गेहूं की कीमतों में काफी उछाल देखा जा रहा है। अब इस पोर्टल ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पंजाब में गेहूं की कीमतें पिछले महीने 2,260 रुपये क्विटल से बढ़कर अब 2,350 प्रति क्विंटल हो गई है। आटा मिल वालों को लगता है कि गेहूं बेचने वाले तबतक बाजार में नहीं उतरेंगे, जबतक इसकी कीमत 2,450 रुपये क्विंटल के आसपास ना पहुंच जाए। इसके चलते मैदा की कीमतें भी बढ़नी शुरू हो गई हैं। पंजाब में जो मैदा एक महीने पहले 2,500 रुपये क्विंटल बिक रहा था, अब 2,800 रुपये के आसपास हो चुका है।

कांडला में मैदा के दाम और बढ़े
मैदा की कीमत बढ़ने को लेकर बाजार में एक और गंभीर चर्चा है। इसके मुताबिक गुजरात के कांडला बंदरगाह पर मैदे की कीमत 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है। इस बंदरगाह से दुनिया भर में मैदे की सप्लाई होती है। इन परिस्थितियों की वजह से इन अफवाहों को हवा मिल रही है कि आने वाले दिनों मैदा और भी महंगा होगा, क्योंकि विदेशों में इसकी मांग काफी बढ़ रही है। इसके कारण व्यापारी पंजाब और दूसरे राज्यों के आटा मिल मालिकों से लगातार संपर्क की कोशिशों में हैं।

आटे के दाम पहले से ही बढ़ने लगे हैं
आटे की कीमत दो महीने पहले तक 2,400 रुपये प्रतिक्विंटल था, जो कि अब बढ़कर 2,600 रुपये तक जा चुका है। अगर इसपर 5% जीएसटी जोड़ लें तो यह पहले ही बढ़ चुका है। पंजाब में मैदे के दाम बढ़ने के बारे में पंजाब रोलर फ्लोर मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश घई ने कहा है कि पिछले कुछ महीनों में यह पूरे प्रदेश में बढ़ गया है। उनके मुताबिक, 'हम लोग सिर्फ गेहूं को प्रोसेस करते हैं। मैदा की कीमत बाजार में गेहूं के दाम पर निर्भर करता है। क्योंकि, पंजाब सरकार ने बाकी राज्यों की तुलना में ज्यादातर गेहूं की खरीद की है, इसलिए केंद्र को पंजाब में प्रोसेसरों के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) के तहत गेहूं जारी करना चाहिए, जिससे मैदा और सूजी की दरें कम हो जाएं।'

बेकरी प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने तय ?
घई ने बताया कि हर साल एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा मैदा निर्यात होता है। लेकिन, इसबार ज्यादा मांग की वजह से यह थोड़ा और ज्यादा हो सकता है। मैजिक डग के मालिक विवेक निझावन और आईएल फोर्नो मैजिको बेकर्स के मालिक जस प्रताप का कहना है कि ब्रेड और बिस्कुट का प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ चुका है। निझावन के मुताबिक, 'हमने अभी तक इसे उपभोक्ता पर नहीं डाला है। लेकिन, अगर मैदा का दाम इसी तरह से बढ़ता रहा तो हमारे पास बेकरी प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।'

गेहूं-आटे के निर्यात पर है पाबंदी
केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा और घरेलू आवश्यकताओं को देखते हुए पिछले 14 मई को गेहूं के निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी। तब ऐसी खबरें आईं कि आटे का ही धड़ल्ले से निर्यात होने लगा है। इसपर आटे के निर्यात पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। लेकिन, बाद में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने इसी महीने स्पष्ट किया था आटे के निर्यात पर लगाई गई पाबंदी मैदा और सूजी पर लागू नहीं होगी। लेकिन, अब बदले हालात में हो सकता है कि सरकार को निए सिरे विचार करना पड़ जाए।












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