BrahMos Aerospace के चेयरमैन बोले, NGMMCB अनुबंध से बढ़ेगी नौसेना की ताकत, जानिए क्यों अहम है करार
BrahMos Aerospace के हालिया करार से भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ेगी। बेहद अहम करार पर साइन के बारे में ब्रह्मोस एयरोस्पेस के चेयरमैन Atul Dinkar Rane ने बताया कि इसे NGMMCB अनुबंध कहा जा रहा है।

BrahMos Aerospace के अध्यक्ष एडी राणे (Atul Dinkar Rane) ने बताया कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने भारतीय नौसेना के लिए NGMMCB (नेक्स्ट जेन मैरीटाइम मोबाइल कोस्टल बैटरी) के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा, कॉन्ट्रैक्ट से उद्योग भागीदारों को भी बढ़ावा मिला है। 200 से अधिक उद्योग ब्रह्मोस के साथ काम कर रहे हैं। यह युवा पीढ़ी के लिए भी रोजगार के अधिक अवसर पैदा करेगा।
NGMMCB कॉन्ट्रैक्ट: ब्रह्मोस एयरोस्पेस के अध्यक्ष ने क्या बताया?
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के अध्यक्ष एडी राणे ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, "आज हमने भारतीय नौसेना के लिए NGMMCB (नेक्स्ट जेन मैरीटाइम मोबाइल कोस्टल बैटरी) के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कॉन्ट्रैक्ट से न केवल टीम ब्रह्मोस को प्रेरित हो रही है बल्कि हमारे साथ जुड़े हमारे उद्योग भागीदारों को भी बढ़ावा मिल रहा है। 200 से अधिक उद्योग हमारे साथ काम कर रहे हैं और सभी बहुत उत्साहित हैं। यह युवा पीढ़ी के लिए भी रोजगार के अधिक अवसर पैदा करेगा।
भारतीय सशस्त्र बलों के लिए क्यों जरूरी
ब्रह्मोस के चेयरमैन Atul Dinkar Rane ने बताया, पिछले एक साल में हमने अपने विश्व के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद ब्रह्मोस की क्षमता को बढ़ाते हुए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है। ऐसे समय में जब हम अपने उत्पाद के निर्यात पर जोर दे रहे हैं। हमने अपने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए निरंतर क्षमता वृद्धि भी की है और अपने उत्पाद को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रयास
उन्होंने बताया कि BrahMos Aerospace भारतीय रक्षा उद्योगों की भागीदारी को अधिकतम करके लगातार वृद्धिशील स्वदेशीकरण के लिए जा रहे हैं। हम प्रधानमंत्री मोदी के "आत्मनिर्भर भारत" और "मेक फॉर वर्ल्ड" के निर्देशों की ओर लगातार बढ़ रहे हैं।












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