BR Ambedkar Anniversary:'जीवन लंबा नहीं महान होना चाहिए',बाबा साहेब के 10 विचार, PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि
BR Ambedkar Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारत के सामाजिक और संवैधानिक ढांचे में अंबेडकर के अतुलनीय योगदान को याद किया। सोशल मीडिया पर एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, 'डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।'
उन्होंने एक्स पर लिखा- डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का व्यक्तित्व और कृतित्व राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणापुंज बना रहेगा।
- अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
- उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण की दिशा में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी हैं। उनका जीवन और कार्य, एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है आंबेडकर जयंती
मालूम हो कि हर साल 14 अप्रैल को भारत के महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता और दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है। इस दिन को केवल एक जन्मदिन के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की लड़ाई के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ उठाई आवाज
डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने अपने जीवन में जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता को करीब से देखा और इसके खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार माना और समाज के कमजोर वर्गों को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए। यही कारण है कि अंबेडकर जयंती पर उनके विचारों और आदर्शों को याद किया जाता है।
अंबेडकर भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे
इस दिन का सबसे बड़ा महत्व यह है कि यह हमें भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों-समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व-की याद दिलाता है। डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि देश का हर नागरिक, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से हो, उसे समान अधिकार मिले। इस दिन लोग संविधान के महत्व को समझते हैं और उसके पालन का संकल्प लेते हैं। उनके निम्नलिखित विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
B. R. Ambedkar के 10 प्रमुख विचार (Quotes)
- शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।
- मनुष्य महान अपने कर्मों से बनता है, न कि अपने जन्म से।
- स्वतंत्रता का मतलब सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता भी है।
- मैं किसी समाज की प्रगति को महिलाओं की प्रगति से मापता हूं।
- जीवन लंबा नहीं, महान होना चाहिए।
- धर्म वह होना चाहिए जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे की शिक्षा दे।
- संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं, यह जीवन का एक माध्यम है।
- अगर मुझे लगे कि संविधान का दुरुपयोग हो रहा है, तो मैं सबसे पहले उसे जलाऊंगा।
- ज्ञान ही मनुष्य के जीवन का आधार है।
- समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन इसे एक सिद्धांत के रूप में स्वीकार करना जरूरी है।












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