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सड़कों पर ज्यादा गाड़ियों से चिंतित बॉम्बे हाईकोर्ट, पूछा- मुंबई में कितने लोगों के पास एक से अधिक गाड़ी?

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    मुंबई। सड़कों पर गाड़ियों की बढ़ती समस्या पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र परिवहन विभाग से पूछा है कि मुंबई में ऐसे कितने लोग हैं, जिनके पास एक से अधिक गाड़ियां हैं। कार्यकर्ता भगवानजी रेयानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नरेश पाटिल और नितिन सांब्रे की बेंच ने विभाग को आंकड़े पेश करने के लिए कहा। इसके अलावा बेंच ने राज्य सरकार और बीएमसी से पूछा है कि शहर में गाड़ी के नए खरीददारों के पास पर्याप्त पार्किंस स्थल है या नहीं, इसको जांचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

    Mumbai Traffic

    जस्टिस पाटिल ने कहा कि लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी दबाव है। 'एक सामान्य व्यक्ति जिसके पास कार नहीं है, वो भी सड़क का इस्तेमाल करने से वंचित है क्योंकि पैदल चलने वालों के लिए कोई जगह ही नहीं है। पहले से ही शहर में 32 लाख से ज्यादा गाड़ियां हैं। अब आप स्थिति खराब होने की अनुमति नहीं दे सकते।' कोर्ट ने एक बार फिर सुझाव दिया है कि नए वाहन खरीदने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक था। जस्टिस पाटिल ने ये सुझाव साल 2015 में दिया था।

    'लोग एक से अधिक गाड़ी खरीद रहे हैं। आपको प्रतिबंध और नई कार के पंजीकरण की अनुमति केवल तभी करनी चाहिए जब मालिक ये साबित कर सकता है कि उसके पास गाड़ी पार्क करने के लिए जगह है।' बेंच ने कहा कि मुंबई को और पार्किंस स्पेस की जरूरत है। गाड़ियों की अधिक संख्या से बच्चों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को यह भी देखना चाहिए कि बाकी देश ऐसी समस्याओं से कैसे निपट रहे हैं।

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    English summary
    Bombay High Court Asks How Many People Have More Than One Car In Mumbai.

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