बॉम्बे हाईकोर्ट से विजय माल्या को बड़ा झटका, ED की कार्रवाई पर रोक की अपील खारिज
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसे आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के जरिए शुरू की गई कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग कर रहा है।

प्रवर्तन निदेशालय ने बताया है कि माल्या कोर्ट से कार्रवाई पर रोक चाहता था लेकिन अदालत ने इसे नकार दिया। वहीं ईडी ने अपनी याचिका में मांग की है कि माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाए और उसकी संपत्ति जब्त की जाए और नए एफईओ कानून के प्रावधानों के तहत उसे केंद्र के नियंत्रण में लाया जाए।
ईडी ने अपने पहले के आवेदन में कहा था कि माल्या का शुरुआत से ही ऋण चुकाने का कोई इरादा नहीं था जबकि उसके और एमएस यूबीएचएल (यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड) के पास पर्याप्त संपत्तियां थीं जो ऋण चुकाने के लिए पर्याप्त थीं, माल्या ने जानबूझकर ऐसा किया है। इसलिए माल्या आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित किया और उसकी संपत्ति जब्त की जाए।
क्या है आर्थिक भगोड़ा एक्ट ?
दरअसल, इस अधिनियम के तहत जिसे भी आर्थिक भगोड़ा घोषित किया जाता है तो उसकी संपत्ति तुरंत प्रभाव से जब्त कर ली जाएगी। इसके साथ-साथ आर्थिक भगोड़ा की सूची में वो भी आता है जिसके विरूद्ध सूचीबद्ध अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया होता है।












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