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'मुझे कई ताने दिए गए, कहा कि मैं ट्रांसजेंडर और मर्द जैसी दिखती हूं'

लड़कियों को हमेशा अबला और कमजोर कहा जाता है। उन्हें यही सिखाया-बताया जाता है कि वो लड़कों से कमजोर है। लेकिन अगर लड़कियों ने ठान ली कुछ करने की, फिर तो उन्हें दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। ऐसी ही एक लड़की है यास्मीन चौहान मानक, जिन्हें आज पूरा देश आयरन लेडी के नाम से जानता है।

नई दिल्ली। लड़कियों को हमेशा अबला और कमजोर कहा जाता है। उन्हें यही सिखाया-बताया जाता है कि वो लड़कों से कमजोर है। लीक से हटकर किसी फील्ड में अगर लड़की जाना चाहे तो उसे और बातें सुननी पड़ती हैं। लेकिन अगर लड़कियों ने ठान ली कुछ करने की, फिर तो उन्हें दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। ऐसी ही एक लड़की है यास्मीन चौहान मानक, जिन्हें आज पूरा देश 'आयरन लेडी' के नाम से जानता है। यास्मीन ने ऐसे क्षेत्र में नाम कमाया है, जिसपर पुरुषों का अधिपत्य सालों से है। यास्मीन बॉडी बिल्डिंग और वेट लिफ्टिंग की फील्ड में आज एक जाना-माना नाम हैं।

Yashmeen Chauhan Manak

लोगों ने ट्रांसजेंडर और मर्द कहा

लोगों ने ट्रांसजेंडर और मर्द कहा

गुरुग्राम की रहने वाली यास्मीन चौहान मानक के लिए ये रास्ता आसान नहीं था। बॉडी बिल्डिंग हमेशा से पुरुषों का क्षेत्र कहा जाता है। हमारे देश में आज भी मस्क्यूलर महिलाओं को अजीब नजरों से देखा जाता है। महिला होने का दूसरा मतलब ही नाजुक होना कहा जाता है। लेकिन यास्मीन को ये मंजूर नहीं था। बॉडी बिल्डिंग उनका सिर्फ ख्वाब नहीं, बल्कि जुनून था। अपने जुनून को पाने के लिए यास्मीन ने खूब मेहनत की है। उन्हें ट्रांसजेंडर और मर्द भी कहा गया, लेकिन यास्मीन ने हार नहीं मानी।

बढ़े वजन का सब उड़ाते थे मजाक

बढ़े वजन का सब उड़ाते थे मजाक

यास्मीन फिट रहने के प्रति तब सजग तब हुईं जब वो मौत के मुंह से बाहर आईं। यास्मीन को बचपन में टाइफाइड हो गया था। टाइफाइड इतना गंभीर था कि उनकी जान पर बन आई थी। इलाज से टाइफाइड तो ठीक हो गया, लेकिन यास्मीन का वजन बढ़ने लग गया। यास्मीन का वजन बढ़ते-बढ़ते 95 किलो पहुंच गया था। बढ़े हुए वजन के कारण उनका हर जगह मजाक बनने लगा। तभी यास्मीन ने ठान लिया कि वो अपना वजन कम कर के रहेंगी।

सिर पर था बस बॉडी बिल्डिंग का जुनून

सिर पर था बस बॉडी बिल्डिंग का जुनून

यास्मीन ने पास का ही एक जिम ज्वाइन किया और उसमें मेहनत करने लगीं। और इसके बाद तो जैसे यास्मीन के दिलो-दिमाग पर बस एक ही जुनून था, बॉडी बिल्डिंग। यास्मीन ने जब बॉडी बनानी शुरू की तो लोगों ने उन्हें बहुत ताने दिए। कहा कि वो ट्रांसजेंडर जैसी दिखती हैं। उनका शरीर मर्द जैसा है। यास्मीन ने सभी का जवाब अपनी मेहनत से दिया।

यास्मीन ने जीते एक के बाद एक कई खिताब

यास्मीन ने जीते एक के बाद एक कई खिताब

यास्मीन ने साल 2015 में ग्लैडरैस मिसेज इंडिया का खिताब जीता। बुलंदशहर में हुए IBBFF इवेंट में उन्होंने दो कैटेगरी में गोल्ज मेडल जीता। उन्हें वमेन फीजीक कैटेगरी और वुमेन फिटनेस कैटेगरी में ये गोल्ड मेडल मिला। IBBFF इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ बॉडी बिल्डिंग (IFBB) का प्रतिनिधित्व करने वाला आधिकारिक संघ है। यास्मीन पिछले 17 सालों से बॉडी बिल्डिंग कर रही हैं।

आज अपने जिम में करती हैं लोगों को ट्रेन

आज अपने जिम में करती हैं लोगों को ट्रेन

आज गुरुग्राम में उनका अपना जिम भी है जहां वो कई लड़कियों और मर्दों को ट्रेन करती हैं। गुरुग्राम में जिम खोलने वाली भी यास्मीन पहली महिला हैं। पहले लोग इस जिम में आना पसंद नहीं करते थे क्योंकि वो एक औरत से ये सब नहीं सीखना चाहते थे।

बाइक से नाप चुकी हैं आधा भारत

बाइक से नाप चुकी हैं आधा भारत

लेकिन अब यास्मीन 300 लोगों को ट्रेन करती हैं। उन्हें बाइक चलाने का भी काफी शौक है और अपनी रॉयल एनफील्ड से वो कई जगह की यात्रा कर चुकी हैं। यास्मीन ने उन सभी लोगों को गलत साबित कर दिया जो उनकी बॉडी का मजाक उड़ाते थे। आज हर कोई उन्हें इज्जत की नजरों से देखता है। (फोटो साभार : यास्मीन चौहान मानक फेसबुक/इंस्टाग्राम)

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