BMC का 'सिकंदर' बनने को BJP-शिवसेना के पास हैं ये 5 रास्ते, बदल सकती है सियासी तस्वीर
कांग्रेस ने मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है और इसके लिए एनसीपी और समाजवादी पार्टी से समर्थन मांगा है।
मुंबई। बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना के बीच हुई कांटे की टक्कर की वजह से अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मुंबई में किसका शासन होगा। खंडित जनादेश की वजह से बीजेपी 82 और शिवसेना 84 सीटों के साथ मेयर की कुर्सी पर दावा कर रही है। मेयर पद के नामांकन के लिए आखिरी तारीख 8 मार्च है लेकिन अब तक किसी भी पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा गया।

'शिवसेना से मेल नहीं खाती विचारधारा'

बीएमसी में मेयर के चुनाव में ये संभावित स्थितियां हैं-
1. बीजेपी और शिवसेना गठबंधन कर सकती हैं। अगर दोनों पार्टियों ने मिलकर शासन चलाने का फैसला लिया तो 166 पार्षदों के साथ बीएमसी की सत्ता चलाएंगे।

मनसे निभा सकती है अहम भूमिका
3. अगर कांग्रेस और एनसीपी वोटिंग में हिस्सा नहीं लेतीं तो सदन में पार्षदों की संख्या सिर्फ 182 बचेगी। शिवसेना को फिर 91 वोट चाहिए होंगे। ऐसे में उसके पास 84 पार्षद खुद के हैं और निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी है। 7 पार्षदों वाली मनसे अहम भूमिका निभा सकती है।

मुकाबले में कांग्रेस के आने से बिगड़ेगा खेल
4. बीजेपी शिवसेना को बाहर से समर्थन देकर राज्य सरकार में बने रहने का वादा ले सकती है।
5. कांग्रेस की ओर से मेयर उम्मीदवार उतारे जाने पर मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा।












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